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रीवा . मध्यप्रदेश में कुटीर एवं ग्रामोद्योग के तहत सरकार स्वरोजगार के लिए हाथकरघा विभाग को लक्ष्य निर्धारित कर दिया है। इस वित्तीय वर्ष में मुख्य रूप से मुख्यमंत्री कृषक उद्यमी योजना पर विशेष फोकस रहेगा। हाथकरघा विभाग में रीवा जिले में 25 युवा उद्यमियों को 50 हजार से लेकर दो करोड़ रुपए तक की लागत के उद्योग स्थापित कराए जाएंगे। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना व मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजना के अन्तर्गत सभी वर्गों के लिए स्वयं का उद्योग स्थापित करने के लिए सरकार ने पहले आओ पहले पाओ के तहत योजना का लाभ मिलेगा।
सामान्य वर्ग के लिए 15 प्रतिशत अनुदान
इन योजनाओं के तहत विनिर्माण इकाई, सेवा क्षेत्र एवं व्यापार मे? रोजगार ?? उपलब्ध कराया जाता है स्वरोजगार संबंधी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जिला पंचायत कार्यालय के हाथकरघा विभाग में मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के तहत 50 हजार से लेकर अधिकतम 10 लाख रुपए तक की परियोजना लागत की योजना का लाभ मिलेगा। सरकार ने अनुदान के लिए राशि निर्धारित कर दिया है। सामान्य वर्ग के लिए 15 प्रतिशत, अधिकतम रुपए एक लाख तथा बीपीएल, दिव्यांग, महिला, एसटी, एसी एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए 30 प्रतिशत अधिकतम दो लाख का अनुदान है , परियोजना लागत की शेष राशि बैंक ऋण के रूप में स्वीकृत कराना होगा।
जिला ग्रामोद्योग अधिकारी डॉ. रोहित कुमार पटेल ने बताया कि शासन की गाइड लाइन के तहत सभी योजनाओं के तहत युवाओं के आवेदन कराए जा रहे हैं। ग्रामोद्योग अधिकारी ने बताया कि माटी कला बोर्ड अन्तर्गत संचालित मुख्यमंत्री स्वरोजगार एवं मुख्यमंत्री आर्थिक कल्याण योजनान्तर्गत मिट्टी से संबंधित समस्त कार्य करने के इच्छुक हितग्राही योजना का लाभ ले सकते है ।
इन व्यवसाय के लिए मिलेगा ऋण
फूड प्रोसेसिंग, कोल्ड स्टोरेज, मिल्क प्रोसेसिंग, कैटेल फीड, पोल्ट्री फीड, फिश फीड, कस्टम हायरिंग सेन्टर, बेजीटेबल डिहाईडेसन, टिश्यू कल्चर, दाल मील, राइस मील, आयल मील, फ्लोर मील, बेकरी, मसाला निर्माण, सीड ग्रेडिंग व अन्य कृषि आधारित-अनुषांगिक परियोजनाओं को प्राथमिकता है।
Published on:
05 May 2018 07:39 pm
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