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अच्छी खबर: एमपी के सरकारी अस्पतालों में लगेगा निमोनिया का टीका, तैयारी में जुटा स्वास्थ्य विभाग

भोपाल में दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू, प्रदेश भर से बुलाए गए डीआईओ,प्रदेश में 51 जिलों में एक साथ होगा लांच
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रीवा

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Dilip Patel

Feb 19, 2018

रीवा। बच्चों की सेहत के लिए अच्छी खबर है। निमोनिया का टीका अप्रैल से लगेगा। स्वास्थ्य विभाग ने इसकी कवायद शुरू कर दी है। राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत भोपाल में 19 फरवरी से टीकाकरण के लिए प्रशिक्षण शुरू हो गया।

दो दिवसीय प्रशिक्षण के लिए प्रदेशभर से जिला टीकाकरण अधिकारियों को बुलाया गया है जो निमोनिया की वैक्सीन नीमो कोकल से रूबरू होंगे। इसके बाद मार्च में जिला स्तर पर प्रशिक्षण स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, एएनएम को दिया जाएगा।

डिप्टी डायरेक्टर स्वास्थ्य सेवाएं रीवा डॉ. एनपी पाठक ने बताया कि नीमो कोकल एक प्रकार का बैक्टीरिया है जिससे जानलेवा निमोनिया बच्चों में होता है। इसलिए वैक्सीन का नाम भी नीमो कोकल रखा गया है। यह वैक्सीन अप्रैल में उपलब्ध हो जाएगी। उन्होंने बताया कि बीते वर्ष पांच राज्यों में सरकारी अस्पतालों में इसे लांच किया गया था। प्रदेश में 51 जिलों में एक साथ लांच किया जा रहा है। बच्चे के जन्म के डेढ़ महीने बाद पहला टीका, ढाई महीने पर दूसरा और 9 वें महीने पर तीसरा टीका लगेगा।
शिशु मृत्यु पर लगेगी लगाम
निमोनिया स्वास्थ्य विभाग के लिए बड़ी चुनौती है। इससे बड़ी संख्या में बच्चों की मौत होती है। रीवा जिले की बात करें तो हर साल 13 प्रतिशत बच्चों की मौत का कारण निमोनिया ही है। नीमो कोकल वैक्सीन लांच होने से शिशु मृत्यु काफी हद तक रोकी जा सकेगी। इससे पहले कोल्ड डायरिया से शिशु मृत्यु की रोकथाम के लिए रोटा वायरस वैक्सीन बीते वर्ष लांच की गई थी।
बाजार में कीमत 4000 रुपए
निमोनिया से निजात दिलाने वाले नीमो कोकल वैक्सीन की बाजार में कीमत 4000 रुपए है। एक बच्चे को तीन बार टीके लगते हैं अर्थात 12000 रुपए खर्च करने पड़ते थे। अब यह टीका नि:शुल्क सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध होगा। बाजार में कीमत अधिक होने से यह टीका लगवाना गरीबों के बस में नहीं था। जिससे गरीब परिवार के बच्चे निमोनिया की चपेट में जल्दी आ जाते थे।