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अतिवृष्टि से खराब फसल ,प्रशासन की सर्वे रिपोर्ट पर सरकार किसानों को नहीं देगी मुआवजा

अतिवृष्टि में खराब हुई खरीफ की मूंग व उड़द की फसल का मुआवजा किसानों को नहीं मिलेगा। वजह है प्रशासन की रिपोर्ट। प्रशासन ने प्रांरभिक सर्वे के दौरान फसलों को महज 20 से 25फीसदी की क्षति माना है। प्रशासन ने अतिवृष्टि से फसल की नुकसानी की क्षति निरंक भेज दी है। ऐसे में किसानों को अब शासन से कोई भी राहत राशि नहीं मिल पाएगी।

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रीवा

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Lok Mani Shukla

Nov 01, 2019

government will not give compensation to farmers on survey report of administration

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रीवा। अतिवृष्टि में खराब हुई खरीफ की मूंग व उड़द की फसल का मुआवजा किसानों को नहीं मिलेगा। वजह है प्रशासन की रिपोर्ट। प्रशासन ने प्रांरभिक सर्वे के दौरान फसलों को महज 20 से 25फीसदी की क्षति माना है। प्रशासन ने अतिवृष्टि से फसल की नुकसानी की क्षति निरंक भेज दी है। ऐसे में किसानों को अब शासन से कोई भी राहत राशि नहीं मिल पाएगी। यहां तक कि प्रधानमंत्री फसल बीमा के तहत भी किसानों को क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी।

बताया जा रहा है मानसून के अंतिम दौर मेें लगातार बारिश के कारण खेत में खड़ी मूंग एवं उड़द की फसलनष्ट हो गई है। किसान संगठनों द्वारा इस संबंध में शिकायत के बाद कलेक्टर ने सभी तहसीलदार से सर्वे रिपोर्ट मांगी थी। इसके साथ कलेक्टर ने स्वंय मनगवां एवं त्योंथर में मूंग एवं उड़द की फसल मौके पर जाकर देखी थी। इसके बावजूद नौ तहसीलों में 56 हजार हेक्टर में मूंग एवं उड़द की फसल में महज 20 से 25 फीसदी नुकसान सर्वे में बताया गया है। इस सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन ने राहत आयुक्त को निरंक जानकारी भेजी गई है। भू राजस्व संहिता के तहत 50 फीसदी से अधिक फसल की क्षति होने पर शासन राहत राशि देता है।

फसल बीमा से नहीं मिलेगी राहत
खरीफ सीजन में 9865 किसानों ने फसल बीमा योजना के तहत 10 हजार हेक्टेयर से अधिक की फसलों का बीमा कराया था। इसमें 8535 किसानों का बीमा बैंकों ने कराया है। वहीं 941 किसानों ने सीधे बीमा कराया है। लेकिन प्रशासन द्वारा तहसीलों में अतिवृष्टि से फसल प्रभावित नहीं घोषित किए जाने के कारण किसानों को भी बीमा राशि नहीं मिल पाएगी।

फसल उत्पादन की नहीं आई रिपोर्ट
प्रशासन अतिवृष्टि से फसल को प्रभावित नहीं मान रहा है लेकिन अभी तक प्रशासन इन फसलों के उत्पादक परीक्षण रिपोर्ट पर भी चुप्प है। जबकि खेत में ही नष्ट हो चुकी फसलों का सत्यापन करना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है।

20 से 25फीसदी हुई है नुकसानी-
अतिवृष्टि से प्रांरभिक सर्वे रिपोर्ट के आधार पर राहत आयुक्त को निरंक जानकारी भेजी गई है। अभी जो सर्वे रिपोर्ट आई है उमसें 20से 25फीसदी का नुक सान माना गया है।
गोविंद सोनी, एसएलआर रीवा