26 जनवरी 2026,

सोमवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी के इस जिले में सैकड़ों की संख्या में बंद होंगे स्कूल, प्राचार्यों व शिक्षकों में हडक़ंप की स्थिति, जानिए क्या पूरा मामला

उद्योग मंत्री से शिक्षकों ने की मुलाकात...

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Ajit Shukla

Aug 13, 2018

career aptitude test 10th student

career aptitude test 10th student

रीवा। शासन स्तर से जारी ‘एक परिसर एक शाला’ योजना के लागू होते ही कई सारे विद्यालयों का उन्हीं के परिसर में स्थित दूसरे बड़े विद्यालय में संविलियन हो जाएगा। महीने भर के भीतर पूरी की जाने वाली इस प्रक्रिया को कई सारे विद्यालयों के प्राचार्य व शिक्षक परेशान हैं। जिले के सैकड़ों विद्यालयों में शामिल एक शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक दो के प्राचार्य व शिक्षकों में इस आदेश को लेकर हडक़ंप मच गया है।

शाउमावि क्रमांक एक में क्रमांक दो के संविलियन का मामला
वर्षों पुराने विद्यालय पर तालाबंदी नहीं हो, इसके लिए विद्यालय के प्राचार्य सहित सभी स्टॉफ ने रविवार को उद्योग मंत्री राजेंद्र शुक्ला से मुलाकात की। मुलाकात कर उद्योग मंत्री से प्राचार्य व शिक्षकों ने अवगत कराया कि एक परिसर एक शाला योजना के तहत शाउमावि क्रमांक दो का वहीं परिसर में स्थित क्रमांक एक में संविलियन किया जाता है तो स्थिति खराब हो जाएगी। क्योंकि दोनों विद्यालयों के छात्र न ही किसी भी एक भवन में आ सकेंगे और न छात्रों की एक हजार से अधिक संख्या को नियंत्रित कर पाना मुमकिन होगा।

प्राचार्य व शिक्षकों को उद्योग मंत्री से मिला आश्वासन
शिक्षकों ने मंत्री से कहा कि दोनों विद्यालयों में आसपास के कई मुहल्लों के छात्र वहां पढऩे आते हैं। उद्योग मंत्री ने इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया है। उद्योग मंत्री से मुलाकात के लिए उनके आवास पहुंचे शिक्षकों में प्राचार्य डॉ. मनोज श्रीवास्तव के अलावा डॉ. संतोष शुक्ला, आबाद खान, प्रमोद पीडि़हा, गिरीश तिवारी, राजेश मिश्रा, महेंद्र सिंह, राजू वर्गिस, जगदीश कुमार, गिरधर दुबे, अमृता द्विवेदी, अंजुला शुक्ला, बबिता द्विवेदी, किरण तिवारी, शशि निगम सहित अन्य शिक्षक उपस्थित रहे।

सितंबर तक में पूरी की जानी है प्रक्रिया
एक परिसर एक शाला योजना के तहत जिले की करीब 500 शालाओं का परिसर में ही स्थिति बड़े विद्यालय में संविलियन हो जाएगा। छात्रों के साथ शिक्षक व अन्य स्टॉफ भी बड़े विद्यालय में पदस्थ कर दिए जाएंगे। जारी आदेश के मद्देनजर सितंबर के पहले सप्ताह तक यह प्रक्रिया पूर लिया जाना है। प्रक्रिया के तहत प्राथमिक व माध्यमिक स्तर से लेकर हाइस्कूल तक का हायर सेकंडरी में संविलियन हो जाएगा। ५० मीटर तक के दायरे में आने वाले विद्यालय एक ही परिसर में माने जाएंगे। एक परिसर में मौजूद जिन विद्यालयों में छात्र संख्या कम होगी उन्हें अधिक संख्या वाले स्कूल में मर्ज कर दिया जाएगा।