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स्कूलों में शुरू नहीं हो सकी है पढ़ाई, जिम्मेदार अधिकारी बने तमाशबीन, जानिए क्या है कारण

नहीं मिल रहे अतिथि शिक्षक...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 10 Aug 2018, 5:08 PM IST

Guest teachers are not appointed in govt school, classes stop

Guest teachers are not appointed in govt school, classes stop

रीवा। शासन स्तर से निर्देश जारी होने के बाद शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मनिकवार में अतिथि शिक्षकों के नियुक्ति की निर्धारित प्रक्रिया पूरी की गई। पात्रता के अनुरूप आवेदकों को बुलाया भी गया। लेकिन महज एक सप्ताह की अवधि में एक के बाद एक करके तीन अतिथि शिक्षकों ने ज्वाइन करने से हाथ खड़ा कर दिया। नतीजा जुलाई के बाद अब अगस्त में भी छात्रों को शिक्षकों की क्लास नसीब नहीं हो रही है।

मनिकवार विद्यालय का है बुरा हाल
पढ़ाई का यह हाल केवल एक मनिकवार विद्यालय का ही नहीं बल्कि कई दूसरे शासकीय विद्यालयों का भी है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत को एक महीने से अधिक का समय बीत गया है लेकिन छात्रों ने अभी किताब तक नहीं खोली है। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति में पहले शासन स्तर से देरी हुई और अब विद्यालय स्तर पर ज्वानिंग में लेटलतीफी हो रही है। जिसका खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।

छात्र व अभिभावक हालात से हैं परेशान
स्कूलों में अतिथि शिक्षकों के नियुक्ति की लेटलतीफी के चलते प्रभावित चल रही कक्षाओं को लेकर छात्र और उनके अभिभावक काफी परेशान हैं। इसकी वजह सितंबर में शुरू होने वाली त्रैमासिक परीक्षाएं हैं। स्कूल शिक्षा विभाग की ओर से जारी शैक्षणिक कैलेंडर के मुताबिक विद्यालयों में त्रैमासिक परीक्षा सितंबर में आयोजित कराई जानी है। इस तरह से पढ़ाई के लिए अब केवल एक महीने का समय शेष है।

ब्रिज कोर्स में भी हो रही लेटलतीफी
विद्यालयों में बाकी की दूसरी कक्षाओं के साथ कक्षा नवीं के छात्रों के लिए संचालित किया जाने वाला ब्रिज कोर्स भी प्रभावित हो रहा है। अतिथि शिक्षकों की नियुक्ति नहीं होने के चलते जुलाई में खत्म होने वाले कोर्स की समय सीमा 30 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। जबकि अगस्त में दूसरे चरण के तहत ब्रिज कोर्स का संचालन होना था। दूसरे चरण में उन छात्रों को शामिल किया जाना था, जिन्हें पहले चरण के कोर्स में बेहतर ढंग से तैयार नहीं किया जा सका है।

इन विद्यालयों में भी पढ़ाई की खानापूर्ति
ग्रामीण अंचल में स्थित ढेरों विद्यालय हैं, जहां अभी पढ़ाई शुरू नहीं हो सकी है। शाउमावि दुआरी, शाउमावि तमरादेश, शाउमावि पूर्वा, शाउमावि रघुराज, शाउमावि खुटहा, हाइस्कूल खैरा कनकेसरा, हाइस्कूल फरहदा, हाइस्कूल डिघवार व हाइस्कूल बराती इसके उदाहरण हैं। इन विद्यालयों पर अभी शिक्षा अधिकारियों ने भी गौरफरमाने की जरुरत नहीं समझी है।

शिवपूर्वा विद्यालय की आयुक्त से शिकायत
शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शिवपूर्वा में भी शैक्षणिक गतिविधि ठप होने सहित भ्रष्टाचार की शिकायत कमिश्नर से की गई है। ग्राम पंचायत सचिव की ओर से की गई शिकायत में मामले की जांच कराने की मांग की है।