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बोर्ड परीक्षा की तैयारी कराने शिक्षा विभाग ने बनाई रणनीति, अब छात्रों को मिलेगी विशेष सुविधा

विभाग ने बदली व्यवस्था...
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रीवा

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Ajit Shukla

Jul 15, 2018

Gyanpunjdal take special class of student for board exam in school

Gyanpunjdal take special class of student for board exam in school

रीवा। पढ़ाई में कमजोर छात्रों को विशेष कक्षा मुहैया कराने के लिए शिक्षा अधिकारियों ने इस बार भी ज्ञानपुंज दल की व्यवस्था शुरू करने का निर्णय लिया है। लेकिन अब की बार यह व्यवस्था गत वर्षों की तुलना में बदले रूप में होगी। जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से दल में शामिल होने के बावत आवेदन पत्र लेने सहित गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

डीइओ कार्यालय से दूर रहेगा ज्ञानपुंज दल
शिक्षा अधिकारियों की माने तो इस बार ज्ञानपुंज दल पूरी तरह से अकादमिक गतिविधियों में शामिल होगा। दल के सदस्यों से किसी भी स्थिति में गैर अकादमिक कार्य नहीं लिए जाएंगे। यही वजह है कि दल को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से दूर ही रखा जाएगा। अब की बार दल को शासकीय उच्चतर माध्यमिक उत्कृष्ट विद्यालय मार्तण्ड क्रमांक एक से संबद्ध किया जाएगा।

मार्तण्ड एक से अटैच रहेगा ज्ञानपुंज दल
जिला शिक्षा अधिकारी की ओर से यह निर्णय इस उद्देश्य से लिया गया है कि ताकि ज्ञानपुंज दल के सदस्य मार्तण्ड एक में रिपोर्ट करें और वहीं से स्कूलों में अपने दायित्वों के निर्वहन की जिम्मेदारी निभाएं। पूर्व में दल डीइओ कार्यालय से अटैच रहता था और अकादमिक गतिविधियों के अलावा सदस्यों पर कार्यालयी कार्य भी थोप दिए जाते थे।

दल में शामिल होने शिक्षक नहीं ले रहे रुचि
हालांकि पूर्व की भांति इस बार भी ज्ञानपुंज दल में शामिल होने के लिए शिक्षक रुचि नहीं ले रहे हैं। सप्ताह भर में आए गिनती के आवेदन शिक्षकों की अरुचि को बयां कर रहे हैं। गौरतलब है कि दल में गणित, विज्ञान व अंग्रेजी सहित अन्य विषयों के शिक्षक बतौर विशेषज्ञ शामिल किए जाते हैं। फिलहाल अधिकारियों का कहना है कि दल में शामिल होने के लिए पर्याप्त आवेदन नहीं आते हैं तो खुद उनके द्वारा शिक्षक का चयन किया जाएगा।

ज्ञानपुंज दल के सदस्यों की जिम्मेदारी
- स्कूलों में बोर्ड परीक्षा में शामिल होने वाले छात्रों के लिए विशेष कक्षा लेना।
- उन स्कूलों में प्रति सप्ताह कक्षा लेना, जहां संबंधित विषय के शिक्षक नहीं हैं।
- स्कूलों में प्रमुख विषय के शिक्षकों को कक्षा में पढ़ाने के बावत प्रशिक्षण देना।
- बोर्ड परीक्षा के मद्देनजर स्कूल शिक्षकों के लिए स्टडी मैटेरियल तैयार करना।
- स्कूलों में प्रस्तावित रेमेडियल कक्षाओं की मॉनिटरिंग करना और रिपोर्ट देना।