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रीवा. विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा घोषणा पत्र में सस्ते आवास मुहैया कराने का दावा फेल साबित होता जा रहा है। अब चुनाव फिर नजदीक आ रहा है जिसके चलते सरकार ने पूर्व में की गईघोषणाओं के अमल पर जोर लगा रही है। अटल आश्रय के नाम से चलाईगईयोजना के तहत रीवा में और भी आवास बनाए जाने की तैयारी की गई है।
भूमि अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू
हाउसिंग बोर्ड द्वारा यह आवास निर्मित कराए जा रहे हैं, इस कारण नए सिरे से कॉलोनी विकसित करने के लिए नए स्थान की तलाश की जा रही है। मैदानी के पास करीब नौ एकड़ भूमि हाउसिंग बोर्ड ने तलाश की है। इसके अधिग्रहण की कार्यवाही शुरू की जा रही है। बताया जा रहा कि करीब पांच सौ आवास बनाए जाने की तैयारी की गईहै। इस वजह से कम रकबा की भूमि पूर्वमें जो मिल रही थी उसे नहीं लिया गया हैताकि बड़ी कॉलोनी विकसित की जा सके।
199 आवास का चल रहा निर्माण
अटल आश्रय योजना के तहत पांच एकड़ भूमि मैदानी में कलेक्टर ने हाउसिंग बोर्ड को उपलब्ध कराईथी। जहां १९९ मकान बनाए जा रहे हैं। कुछ समय पहले भूमि के स्वामित्व को लेकर विवाद उठा था, मामला हाईकोर्ट तक पहुंचा था और लंबे समय तक निर्माण रुका रहा। कोर्टके नए निर्देश के बाद अब फिर से निर्माण में तेजी आईहै। यहां पर ईडब्ल्यूएस निर्माण कराए जा रहे हैं। नई कॉलोनी में एलआईजी और एमआईजी मकान बनाए जाएंगे।
एक हजार आवास का रखा गया था टारगेट
वर्ष 2013 में सरकार गठन के बाद कहा गया था कि रीवा में एक हजार मकान अटल आश्रय योजना के तहत बनाए जाएंगे। यह मकान बाजार दर से कम कीमत पर लोगों को उपलब्ध कराए जाएंगे, जिस गति से अब तक निर्माण चला है उससे माना जा रहा है कि इस सरकार के कार्यकाल में टारगेट पूरा नहीं किया जा सकता। इसी साल नवंबर और दिसंबर के बीच चुनाव भी विधानसभा का होना है।
नई भूमि के लिए बोर्ड में मांगा आवेदन
हाउसिंग बोर्डने रीवा शहर के साथ ही जिले के अन्य हिस्सों में भी कॉलोनी विकसित करने की रूपरेखा तय की है। इसके लिए भूमि स्वामियों से बोर्डने आवेदन मांगा है, जो भी अपनी भूमि देना चाहें वह संपर्क कर सकते हैं। कस्बाई क्षेत्रों में भी मकान बनाने की तैयारी की जा रही है। जिसमें मऊगंज, त्योंथर, सिरमौर के साथ ही रीवा से जुड़े कस्बे गुढ़, गोविंदगढ़, रायपुर कर्चुलियान आदि शामिल हैं।
जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी
अटल आश्रय योजना के तहत आवास निर्माण का कार्य चल रहा है। नए स्थान पर भूमि की तलाश की है, जल्द ही आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इसके साथ ही भूमि स्वामियों को भी आमंत्रित किया गया है कि यदि सड़क से लगे क्षेत्र में वह भूमि देना चाहें तो संपर्क कर सकते हैं।
अनुज प्रताप सिंह, कार्यपालन यंत्री हाउसिंग बोर्ड
Published on:
17 Feb 2018 05:43 pm
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