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स्टूडेंट्स को आइआइटी, आइआइएम के ऑनलाइन कोर्स की सौगात

कार्यशाला आयोजित कर टीचर एवं स्टूडेंट्स को दिए गए महत्वपूर्ण टिप्स

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रीवा

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Vedmani Dwivedi

Feb 19, 2020

IIT, IIM online course gift to students

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रीवा. आइआइटी, आइआइएम के शार्ट टर्म ऑनलाइन कोर्स में एडमिशन लेना अब विंध्य के छात्रों के लिए आसान हो गया है। एमएचआरडी एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने शासकीय ठाकुर रणमत सिंह कॉलेज को लोकल चेप्टर बना दिया है। ऐसे में अब छात्रों की यहां ऑनलाइन कक्षाएं चलेंगी साथ ही कोर्स एवं एडमिशन में होने वाली दिक्कतों को आसानी से दूर किया जा सकेगा। कोर्स के प्रति बच्चों में रुझान भी बढ़ेगा।

इसी सिलसिले में सोमवार को टीआरएस कॉलेज में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। जिसमें छात्र - छात्राओं के साथ ही प्राध्यापकों को भी ऑनलाइन कोर्स से संबंधित कई महत्वपूर्ण टिप्स दिए गए। प्रिंसिपल डा. रामलला शुक्ला ने बताया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने छात्रों एवं शिक्षकों के शैक्षणिक उन्नयन के लिए इसकी शुरूआत की गई है। ऑनलाइन कोर्स के लिए टी.आर.एस. कॉलेज रीवा को लोकल चेप्टर बनाया गया है। अब इस महाविद्यालय के छात्र और शिक्षक आईआईटी, इग्नु, आईआईएम, एनटीपीएल आदि के चलाए जा रहें पाठ्यक्रमों का लाभ ले सकेंगे।

शिक्षा के विस्तार में तकनीक जरूरी
प्रिंसिपिल शुक्ल ने कहा हमारी संकल्पना है, भारत एक हो भारत श्रेष्ठ हो। संकल्पना की पूर्ति के लिए भारत सरकार ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को शुरू किया है। कहा, मनुष्य के जीवन में श्रेष्ठता की बात जब आती है, तो उसमें शिक्षा जुड़ा होता है। शिक्षा के विस्तार के लिए तकनीक बहुत जरूरी होती है। अभी तक महाविद्यालय में ऑफ लाइन 35 सर्टीफिकेट कोर्स चलते थे, अब इस महाविद्यालय में ऑनलाइन कोर्स भी चलेंगे। जिसका लाभ महाविद्यालय के हजारों छात्रों को मिलेगा।

देश भर में चल रहे 392 ऑनलाइन कोर्स
उच्च शिक्षा उत्कृष्टता केन्द्र भोपाल से आए प्रो. रामकृष्ण श्रीवास्तव ने सभी ऑनलाइन पाठ्यक्रमों के बारे में बारीकी से बताया। कहा, 1914 में जहॉ पूरे देश में ऑनलाइन कोर्स की संख्या 01 थी वहीं 2020 तक यह संख्या 392 हो गई है। बताया कि पूरे देश में 3519 लोकल चेप्टर बनाये गये हैं। जिसमें टीआरएस भी शामिल है। अब यह महाविद्यालय लोकल चेप्टर बन जाने के कारण राष्ट्रीय सूची में सम्मिलित हो गया है।

विदेशी छात्र भी ले रहे लाभ

उन्होंने बताया कि, ये कोर्स इतने प्रभावी हो रहे है कि अमेरिका, जर्मनी, केनाडा, बंग्लादेश, इजिप्ट जैसे 15 से ज्यादा देशों के छात्र इसका लाभ ले रहे है। अब इस महाविद्यालय के छात्र राष्ट्रीय स्तर के पाठ्यक्रमों का लाभ ले सकेंगे। टीआरएस में लोकल चेप्टर के समन्वयक डॉ. महेश शुक्ला ने बताया कि सभी संकायों के छात्रों को प्रशिक्षण दिया जाएगा एवं अधिकाधिक छात्रों का पंजीयन कर इसका लाभ दिया जाएगा। अगले सत्र से यह कार्यक्रम और प्रभावी बनाया जाएगा। कार्यशाला का संचालन डॉ. भूपेन्द्र सिंह ने किया। महाविद्यालय के सभी वरिष्ठ प्राध्यापक और छात्र उपस्थित रहे। महाविद्यालय के आइटी. प्रभारी डॉ. एसपी. सिंह ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया।