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रीढ़ की हड्डी में था दर्द, डॉक्टरों ने की सर्जरी तो मिला ये, कही आप तो नहीं हैं इसके शिकार

बड़ी सर्जरी ...एसजीएमएच में न्यूरोसर्जन की टीम ने सर्जरी को दिया अंजाम, आठ साल से तकलीफ में था मरीज, नि:शुल्क हुआ आपरेशन

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रीवा

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Dilip Patel

Mar 11, 2018

SGMH rewa

Medical College : Stuck seats due to lack of PG upgradation in SS Medi

रीवा। संजय गांधी अस्पताल में शनिवार को सर्जरी विभाग के डॉक्टरों ने बड़े ऑपरेशन को अंजाम दिया। एक मरीज की रीढ़ की हड्डी से अंडे के आकार के ट्यूमर निकालने में सफल रहे। ट्यूमर के दर्द से मरीज बीते आठ साल से सफर कर रहा था।

जानकारी के अनुसार नईगढ़ी के पुरवा गांव निवासी 52 वर्षीय हरि प्रसाद कुशवाहा को पीठ में आठ साल से दर्द था। गरीबी के चलते वह बड़े अस्पतालों में नहीं जा सके। जब भी दर्द होता था तो ग्रामीण क्षेत्र के डॉक्टरों से दवा ले लेते थे।

रिपोर्ट सामने आई तो डॉक्टर दंग रह गए

5 मार्च को अधिक तकलीफ होने पर उन्हें संजय गांधी अस्पताल में भर्ती किया गया। सर्जरी विभाग के न्यूरोसर्जन डॉ. अशोक नायक की सुपरविजन में एमआरआई कराया गया। रिपोर्ट सामने आई तो डॉक्टर दंग रह गए। स्पाइनल में अंडे के आकार (6 गुणा 4 सेमी.) का ट्यूमर था।

मरीज की रिकवरी में दो महीने लगेंगे

न्यूरोसर्जन ने परिजनों से ऑपरेशन की बात कही। सहमति मिलने पर शनिवार को ऑपरेशन को अंजाम दिया गया। रीढ़ की हड्डी के लिए नासूर बने ट्यूमर को निकाल दिया गया। डॉक्टरों का कहना है कि कम से कम मरीज की रिकवरी में दो महीने लगेंगे।

बन गई थी लकवे की स्थिति
रीढ़ की हड्डी में ट्यूमर के कारण मरीज दोनों पैरों पर खड़ा नहीं हो पा रहा था। लकवे की स्थिति बन गई थी। न्यूरोसर्जन के अनुसार अगर ऑपरेशन न किया जाता तो अपंग होने की संभावना थी। दो तरह के ट्यूमर रीढ़ की हड्डी में होते हैं एक न्यूरोफैब्रोमा और दूसरा मैनिग्जोमा। यह न्यूरोफैब्रोमा की स्थिति थी।

गरीबी बनी थी इलाज में बाधा
मरीज हरि प्रसाद कुशवाहा गरीब हैं। आठ साल से वह ग्रामीण डॉक्टरों की दवाएं खाकर बीमारी पर जीतने की कोशिश कर रहे थे। उनके पास इतना पैसा नहीं था कि बड़े अस्पताल में जाते। संजय गांधी अस्पताल में नि:शुल्क सर्जरी की गई। जिससे एक बार फिर वह सामान्य जीवन जी सकेगा।

ये डॉक्टर रहे मौजूद
ऑपरेशन के दौरान न्यूरो सर्जन डॉ. अशोक नायक के साथ डॉ. अजय, डॉ. शरद साहू और एनेस्थीसिया से डॉ. एस अग्रवाल, डॉ. सौरभ और डॉ. रंजना मौजूद रहे।