शासन ने तीनों इकाइयों के लिए अलग-अलग निविदा बुलाई है ताकि बड़ा प्रोजेक्ट होने की वजह से एक कंपनी पूरा काम करने के लिए तैयार नहीं हो तो तीन कंपनियां मिलकर ले सकें। इस प्रोजेक्ट में काम करने के लिए देश की नामी कंपनियों के साथ ही कईविदेशी कंपनियों ने भी रुचि जाहिर की है। शासन ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को आधिकारिक रूप से स्थल निरीक्षण भी कराया है। इसके बाद से लगातार अलग-अलग तिथियों में कंपनियों के अधिकारी अभी भी निरीक्षण के लिए आ रहे हैं। आगामी 30 जुलाईको निविदा खोली जानी है जिसमें कंपनियों का नाम तय होगा। इस प्लांट के भूमिपूजन के लिए प्रधानमंत्री को भी प्रदेश सरकार ने आमंत्रण भेजा था लेकिन समय नहीं मिला। इसके अलावा अभी स्थानीय स्तर पर तैयारियां भी नहीं हो पाईहैं। किसानों से ली जाने वाली भूमि की रजिस्ट्री भी अभी तक पूरी नहीं हो पाईहै। बदवार, बरसैता, डढ़वा, तमरादेश, इटार पहाड़ आदि गांवों के 310 किसानों की भूमि की रजिस्ट्री होनी है लेकिन अभी तक महज 170 ही रजिस्ट्रियां हो पाईहैं।