
रीवा। ठंड के दिनों में लकवा के मरीजों की संख्या में तेजी के साथ वृद्धि होती है। खासतौर पर 50 वर्ष की उम्र के पार इसका खतरा अधिक होता है। मेडिकल कालेज रीवा के सुपर स्पेशलिटी के न्यूरो सर्जन डॉ. सोनपाल जिंदल का कहना है कि खानपान का भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होती है। ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्राल पर नियंत्रण रहने से इससे बचा जा सकता है। नशा करने वाले लोगों पर इसका खतरा अधिक होता है। इसलिए नशे का सेवन करना बंद कर देना चाहिए।
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सवाल- लकवा रोग के क्या लक्षण होते हैं, इससे बचने के लिए क्या करना चाहिएï?
जवाब- दिमागी दौरा जब पड़ता है तो उसके शुरुआती लक्षण में जुबान लडख़ाती है, चक्कर आता है, शरीर के किसी एक स्थान पर दर्द होता है। इसके बाद शरीर का एक हिस्सा काम करना बंद कर देता है। दौरा तेज है तो व्यक्ति अचेत हो जाता है।
सवाल- लोगों का मानना है कि पहले दो अटैक सामान्य होते हैं, तीसरे में खतरा अधिक होता है, क्या ऐसा है?
जवाब- इस भ्रांति में बिलकुल नहीं रहना चाहिए कि पहली बार है तो कुछ नहीं होगा। कई बार दिमाग की नसें फट जाती हैं, जिससे बड़ा अटैक आता है लोगों को बचाना मुश्किल हो जाता है। अक्सर यह होता है कि शुरुआती झटके में कुछ मिनट या घंटों के लिए जुबान लडख़ड़ाई और दर्द हुआ बाद में ठीक हो जाता है। जिसे लोग सामान्य घटना मान लेते हैं।
सवाल- किसी उम्र विशेष पर इसका असर होता है या सबको हो सकता है?
जवाब- सामान्य तौर पर 50 वर्ष से ऊपर के लोगों को लकवा की शिकायत अधिक होती है। लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अन्य को नहीं हो सकता। स्मोकर्स या अन्य ड्रग लेने वालों को कम उम्र भी झटका पड़ सकता है।
सवाल- दूसरी बीमारियों से ग्रसित लोगों को कितना खतरा होता है?
जवाब- लकवा और हार्ट अटैक की घटनाएं एक जैसी ही होती हैं। यह अचानक ही होता है। ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्राल आदि की जांच कराते रहना चाहिए। ठंड के दिनों में धमनियां सिकुडऩे से रक्त का संचार धीमा होने की वजह से यह होता है। स्वस्थ व्यक्ति को लकवा मार जाता है।
सवाल- रीवा के सुपर स्पेशलिटी में लकवा रोगियों के लिए पूरी सुविधा है क्या?
जवाब- यह मूलरूप से न्यूरोलॉजी विभाग का केस होता है। सुपर स्पेशलिटी में अभी यह शुरू नहीं हो सका है। फिलहाल हम लोग(न्यूरोसर्जन) ही देखते हैं। कुछ विशेष मामलों में मरीजों को बाहर के लिए भी रेफर करते हैं। विभाग प्रारंभ होने से सुविधा मिलने लगेगी।
सवाल- लकवा से बचने के लिए घर पर किस तरह के उपाय किए जा सकते हैं?
जवाब- ठंड के दिनों में ऐसा भोजन नहीं करें जो कोलेस्ट्राल को बढ़ाए। अधिक उम्र के लोग भी ठंड हवाओं से बचकर टहलें और क्षमता के अनुसार व्यायाम करें। गर्म तासीर के आहार लेने से ठंड के दिनों में बचा जा सकता है। गर्म कपड़ों से शरीर को ढंक कर रखें। शरीर में ठंडा तेल लगाने से बचें। ठंडे पानी से नहीं नहाएं, नसों की गति धीमी होने की आशंका बढ़ जाती है।
Published on:
25 Nov 2020 11:43 am
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