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सरकारी भूमि बेच रहा माफिया, जानिए आप से जुड़ा कोई ठगा तो नहीं जा रहा

कब्जे के कारण शहर में बाढ़ का प्रमुख कारण बनता है अमहिया का नाला, नहीं चेत रहा प्रशासन, राजनीतिक दबाव के चलते कार्रवाई बंद

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रीवा

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Mrigendra Singh

Mar 21, 2018

rewa

Mafia selling government land, know no one is involved with you

रीवा। बारिश के दिनों में शहर का पानी जिस नाले के सहारे बहता है, उस पर अब भू-माफिया की नजर टिक गई है। नाले के उद्गम स्थल पर तेजी के साथ प्लाटिंग की जा रही है और मकान भी बनाए जा रहे हैं। अतिक्रमण को लेकर नगर निगम प्रशासन अब तक अनजान बना है। नाले की भूमि पर इसी रफ्तार से कब्जा होता रहा तो उसका अस्तित्व समाप्त होते देर नहीं लगेगी।
शहर के वार्ड 15 से इस नाले की शुरुआत होती है। आगे चलकर यह अमहिया नाला के नाम से जाना जाता है और उसके आगे लोग झिरिया नाले के नाम से जानते हैं। नाले का उद्गम स्थल भी दो भागों में विभाजित है। पहले रतहरा से यह निकलता था लेकिन बीच में नहर बनाए जाने से कुछ हिस्सा अलग हो गया है। अब समान मोहल्ले से इसकी शुरुआत होती है। जहां तेजी के साथ कब्जा किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रियल एस्टेट के काम में दलाली करने वाले लोगों ने नाले की भूमि को पट्टे की बताकर सस्तेदाम पर बेचने का काम शुरू किया है। बीते साल बारिश के कारण कुछ स्थानों पर अतिक्रमण होने से लोगों के घरों में पानी भी भर गया था।

नाले पर ही बना लिया मकान
समान मोहल्ले से बदरांव को जोडऩे वाले मार्ग के नजदीक कई स्थानों पर नाले की भूमि पर लोगों ने मकान बना लिया है। इसके कारण नाले का अस्तित्व कई जगह समाप्त होता नजर आ रहा है। इसकी शिकायतें भी स्थानीय लोगों ने कई बार नगर निगम और तहसील में की है पर कोई कार्रवाई नहीं होने के चलते अतिक्रमण बढ़ता जा रहा है।

रेड और ग्रीन जोन का पता नहीं
बाढ़ के चलते पूर्व में जिला प्रशासन और नगर निगम की संयुक्त टीम बनाई गई थी। जिसने नाले का सीमांकन कर रेड और ग्रीन जोन चिह्नित किया था। इस क्षेत्र में मकान बनाना प्रतिबंधित किया गया था। समान मोहल्ले में नाले पर कहीं भी इस तरह के निशान नजर नहीं आ रहे हैं। यही वजह है कि नाले की भूमि पर निर्माण तेजी के साथ हो रहा है और कोई कुछ बोल भी नहीं पा रहा है। निशान होते तो शिकायतें भी मोहल्ले के लोग अधिक संख्या में करते।

राजनीतिक दबाव के चलते नहीं हुई थी कार्रवाई
नाले की भूमि का सीमांकन कर अतिक्रमण हटाए जाने की कार्रवाई बीते साल जून महीने में की गई थी। बाढ़ रोकने के लिए लगातार जनता की मांगे सामने आ रही थी। सीमांकन शुरू तो किया गया लेकिन जहां पर नाले का अस्तित्व समाप्त किया जा रहा है वहां पर किसी तरह की कार्रवाई ही नहीं की गई। बताया गया है कि इसमें राजनीतिक दबाव भी कार्रवाई में आड़े आ रहा था।

सड़क पर पिलर गाड़ा जा रहा है
समान में प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत सड़क भी बनाई गई थी। इसमें अब सड़क के ऊपर ही पिलर गाड़ा जा रहा है। यदि इस पर मकान बना तो बड़े वाहनों का आवागमन बाधित होगा। शिकायत भी इस पर स्थानीय लोगों ने की है पर कारवाई नहीं होने के चलते फिर से धरना-प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है। हालांकि अभी स्थानीय लोगों ने इस प्रदर्शन का आधिकारिक ऐलान नहीं किया है।

आयुक्त ने कहा मौके का करेंगे निरीक्षण
नगर निगम रीवा के आयुक्त सौरभ कुमार सुमन ने पत्रिका. काम को बताया कि शहर में बाढ़ आने का प्रमुख कारण यह नाला भी है। इसके साथ ही अन्य नालों के उन्नयन की कार्ययोजना बनाई जा रही है। जहां पर भी अतिक्रमण की शिकायतें आ रही हैं वहां कारवाई की जा रही है। समान में यदि कोई कब्जा हो रहा है तो उस पर भी कार्रवाई होगी।