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हत्या के आरोपी को आजीवन कारावास व दो हजार का अर्थदण्ड

नवम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय ने सुनाया फैसला, एक आरोपी को पूर्व में हो चुकी है सजा

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Life imprisonment and fine of two thousand to the accused of murder

रीवा। हत्या के आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास व अर्थदण्ड से दंडित किया है। अर्थदण्ड जमा न करने पर आरोपी को अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। सिटी कोतवाली थाने के नगरिया में 12 जनवरी 2008 को चंदन कुमार द्विवेदी पर आरोपियों ने हथियारों से हमला कर दिया था जिसमें उनकी मौत हो गई थी।

मामला दर्ज कर आरोपियों को किया गिरफ्तार
इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया था लेकिन एक आरोपी महबूब खान उफ्र पेंटर पिता याकूब खान 41 वर्ष निवासी तुर्कहा थाना सभापुर जिला सतना फरार चल रहा था जिसको पुलिस ने वर्ष 2010 में गिरफ्तार कर पूरक चालान न्यायालय में पेश किया। नवम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में इस प्रकरण की सुनवाई हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना। शासन की तरफ से लोक अभियोजक विकास द्विवेदी ने सभी गवाहों व साक्षियों के न्यायालय में बयान कराए।

सुनवाई के बाद न्यायालय ने सुनाया फैसला
सुनवाई के बाद आरोपी न्यायालय ने दोष सिद्ध पाया। आरोपी को आजीवन कारावास व दो हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है। इस मामले में एक आरोपी अमर शर्मा को वर्ष 2010 में आजीवन कारावास हुई थी जो फिलहाल जेल में है। आरोपी को आजीवन कारवास की सजा होने पर एसपी ने विवेचक को पुरस्कृत करने की घोषणा की है।

हत्या के प्रयास में आरोपी को पांच वर्ष का सश्रम कारावास व अर्थदण्ड
वहीं हत्या के प्रयास के एक अन्य मामले में न्यायालय ने आरोपी को दंडित किया है। उसे सजा व अर्थदण्ड की सजा सुनाई गई है। सेमरिया थाने के चचाई गांव निवासी प्रद्युम्र सिंह पटेल पर आरोपी रामकुशल प्रजापति ने जानलेवा हमला किया था। प्याज खोदने की बात पर कहासुनी हुई थी जिस पर आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया था। धीरेन्द्र सिंह पटेल की शिकायत पर सेमरिया थाने में आरोपी के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और प्रकरण को सुनवाई के लिए नवम अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में पेश किया। प्रकरण की सुनवाई के दौरान लोक अभियोजक विकास द्विवेदी ने 12 साक्षियों का परीक्षण न्यायालय में कराया। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को दोषी करार दिया। उसे पांच वर्ष का सश्रम कारावास व दो हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया गया है।