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मजदूरी मांगने पर तलवार से हांथ काटने वाले आरोपी को आजीवन कारावास की सजा

विशेष अपत्र सत्र न्यायाधीश के न्यायालय से हुआ फैसला

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Life imprisonment for the accused who cut his hand with a sword for de

रीवा। मजदूरी मांगने पर तलवार से हांथ काटने वाले आरोपी को न्यायालय ने आजीवन कारावास व अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। सिरमौर थाने के पडऱी गांव की घटना थी।

मजदूरी मांगने आरोपी के पास गया था युवक
20 नवम्बर 2021 अशोक साकेत पिता बृजलाल साकेत 34 वर्ष निवासी पडऱी थाना सिरमौर गांव के ही गणेश प्रसाद मिश्रा उर्फ लालन पिता राघवेन्द्र मिश्रा के पास मजदूरी के पैसे मांगने गया था। इस दौरान आरोपी ने उसका पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया और आरोपी गणेश प्रसाद मिश्रा घर से तलवार लेकर आया और उस पर हमला कर दिया। इस हमले में उसका बांया हांथ कटकर अलग हो गया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई जिसने घायल को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल भिजवा दिया। इस घटना को अंजाम देने वाले आरोपी गणेश प्रसाद मिश्रा व रत्नेश मिश्रा पिता राघवेन्द्र मिश्रा के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने इसे चिंहित अपराधों में शामिल किया था। तत्कालीन एसडीओपी पीएस परस्ते ने इस प्रकरण जांच कर चालान विशेष अपर सत्र न्यायाधीश एनडीपीएस एक्ट के न्यायालय में पेश किया।

दोनों पक्षों की दलीलों को सुनकर न्यायालय ने सुनाया फैसला
न्यायालय में शासन की ओर से पैरवी लोक अभियोजक सूर्य प्रकाश पाण्डेय ने की जिन्होंने न्यायालय में आरोपी के खिलाफ साक्ष्य प्रस्तुत किये। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद न्यायालय ने आरोपी गणेश प्रसाद मिश्रा को आजीवन कारावास व अर्थदण्ड की सजा से दंडित किया है। वहीं एक आरोपी रत्नेश मिश्रा को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया गया।

पुलिस का विशेष वाहन लेकर आया था हांथ, विलंब के कारण शरीर में नहीं जुड़ा
इस घटना के बाद घायल को तत्काल परिजन उपचार के लिए अस्पताल लेकर आए और उसके कटे हुए हांथ को आरोपी ने खेत में छिपा दिया था। हांथ को ढूंढने और उसे संजय गांधी अस्पताल लेकर आने में काफी समय लग गया था। चिकित्सकों ने आपरेशन से उसका हांथ तो जोड़ दिया था लेकिन वह सफल नहीं हुआ जिससे बाद में उसे निकालना पड़ा। बाद में उक्त युवक को देवतालाब में आयोजित शिविर में जिला प्रशासन और पुलिस विभाग की पहल पर कृतिम हांथ लगवाया गया था।