
रिश्वत लेते पुलिस वाला (प्रतीकात्मक फोटो)
रीवा. इस कोरोना जैसी महामारी को भी कुछ लोग आदतन अवसर में तब्दील करने से बाज नहीं आ रहे। इसमें हर वर्ग के लोग हैं, जिनमें सरकारी अफसर व कर्मचारी से लेकर पुलिसकर्मी भी शामिल है। ऐसे एक पुलिसकर्मी (थाने का प्रधान आरक्षी) को रिश्वत लेते पकड़ा गया है। यह कार्रवाई लोकायुक्त पुलिस रीवा के स्तर हुई है।
घटना के संबंध में लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेंद्र वर्मा ने बताया कि फरियादी पन्नालाल कोरी ने कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी कि जनेह थाना के प्रभारी प्रधान आरक्षक राजीव लोचन पांडेय मुकदमा दर्ज करने के लिए 15 हजार रुपये की रिश्वत मांग रहे हैं। उक्त शिकायत को सत्यापित कराया गया। जांच में आरोप की पुष्टि हुई जिस पर यह कार्रवाई की गई। हालांकि आरोपी को जमानत भी मिल गई है।
इस मामले में गुरुवार को लोकायुक्त कार्यालय में कार्यरत डीएसपी प्रवीण सिंह परिहार के नेतृत्व में 16 सदस्य टीम ने 15 हजार की रिश्वत लेते हुए प्रधान आरक्षक राजीव लोचन पांडेय को ट्रेस किया। लोकायुक्त संगठन द्वारा प्रधान आरक्षक के विरुद्ध जहां भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा के तहत मामला पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना में लिया है, वहीं पूरे मामले में थाना प्रभारी जनेह प्रदीप सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
घटना के बाबत बताया जा रहा है कि गत 14 अगस्त को पन्ना लाल कोरी के परिवार में जमीन संबंधी विवाद को लेकर मारपीट हुई थी। उसी मारपीट का मुकदमा कायम करने के लिए प्रधान आरक्षी पैसे की मांग कर रहा था।
कोट
प्रधान आरक्षक को 15 हजार लेते हुए ट्रैप किया गया है। उसके विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। थाना प्रभारी प्रदीप सिंह की भूमिका की भी जांच की जा रही है।-राजेंद्र वर्मा पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त कार्यालय रीवा।
Published on:
10 Sept 2020 09:16 pm
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