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नेताओं के पोलिंग बूथ पर नहीं बढ़ा मतदान, यहां जानिए हर नेता के यहां कम वोटिंग का कारण

- विधायकों की पोलिंग में विधानसभा की तुलना में कम पड़े वोट

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रीवा

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Mrigendra Singh

May 13, 2019

rewa

Loksabha election 2019, poling booth wise voting

रीवा। मतदाताओं को जागरुक करने के लिए चलाए गए अभियान का असर कई ऐसी वीआइपी पोलिंग पर नहीं पड़ा है, जहां से जनप्रतिनिधि चुने गए हैं। चुनाव आयोग ने करीब छह महीने पहले से स्वीप प्लान चलाकर गांव-गांव यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि अधिक संख्या में मतदान करें।

भाजपा के प्रत्याशी जनादज़्न मिश्रा बीते पांच साल से सांसद रहे हैं, उन्हें भी मतदाता जागरुकता के कई कायज़्क्रमों में बुलाया गया था। लोकसभा चुनाव में स्वयं के लिए भी वोट मांगते समय अधिक से अधिक मतदान की अपील कर रहे थे लेकिन खुद के पोलिंग बूथ सेमरिया विधानसभा क्षेत्र के हिनौता पर विधानसभा चुनाव की तुलना में संख्या नहीं बढ़ा सके, बल्कि कम वोटिंग हुई।

वहीं कांग्रेस के प्रत्याशी सिद्धाथज़् तिवारी के तिवनी गांव की पोलिंग में पिछले चुनाव की तुलना में करीब दोगुने से अधिक वोटिंग हुई। बसपा के प्रत्याशी विकास पटेल के गंभिरवा गांव के पोलिंग बूथ पर इस बार मतदाताओं की संख्या बढ़ी है। जिले की सभी विधानसभा सीटों पर भाजपा के विधायक हैं, यहां पर अधिकांश जगह कम संख्या में वोटिंग हुई है। इसलिए कहा जा रहा है कि विधायकों ने भी पूवज़् की तरह इस बार मतदाताओं को प्रेरित नहीं किया।


- जानिए किस नेता के पोलिंग में कैसी रही वोटिंग
जनादज़्न मिश्रा, भाजपा- सेमरिया विधानसभा के हिनौता में पोलिंग बूथ नंबर 123 में 1165 में 735 वोट पड़े। विधानसभा में यहां पर 748 वोट पड़े थे।
सिद्धाथज़् तिवारी, कांग्रेस- मनगवां क्षेत्र के तिवनी गांव के बूथ नंबर 236 में 1105 में से 739 वोट पड़े। विधानसभा में यहां महज 318 वोट डाले गए थे। इस बार करीब दोगुना की वृद्धि हुई है।
विकास पटेल, बसपा- त्योंथर विधानसभा के गंभिरवा गांव 173 नंबर बूथ पर मतदान किया। बीएलओ के मुताबिक 506 वोट पड़े, जबकि विधानसभा में 483 वोट यहां पड़े थे।
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विधायकों की पोलिंग की स्थिति
राजेन्द्र शुक्ला- रीवा के पोलिंग नंबर 111 में वोट डाला। लोकसभा में 889 में से 519 वोट पड़े, जबकि विधानसभा में यहां पर 543 वोट डाले गए थे।
दिव्यराज सिंह- शहर के बूथ नंबर 174 में वोटिंग की, इस बार 926 में से 620 लोगों ने मतदान किया। विधानसभा में यहां पर 640 वोट पड़े थे।
नागेन्द्र सिंह- शहर के बूथ नंबर 115 में वोटिंग की, यहां पर लोकसभा चुनाव में 806 में से 490 वोट डाले गए। विधानसभा में 495 वोट पड़े थे।
गिरीश गौतम- देवतालाब विधायक हैं पर मनगवां के बूथ नंबर 253 में नाम है। इस बार लोकसभा में 824 में से 484 वोट पड़े, जबकि विधानसभा में 512 वोट डाले गए थे।
श्यामलाल द्विवेदी- त्योंथर के बूथ नंबर 178 के कोनी गांव के मतदाता हैं। लोकसभा में 813 में से 554 वोट पड़े, यहां पर विधानसभा में इससे अधिक 586 वोट पड़े थे।
प्रदीप पटेल- विधायक मऊगंज के हैं पर मतदाता मनगवां के पोलिंग बूथ नंबर 42 के हैं। यहां पर 1099 मतदाताओं में से 654 ने वोटिंग की। विधानसभा में यहां पर 620 वोट पड़े।
केपी त्रिपाठी- सेमरिया के 177 नंबर बूथ के मतदाता हैं, इस बार 785 में से 491 वोट यहां पड़े। विधानसभा में 561 वोट पड़े थे।
पंचूलाल प्रजापति- मनगवां के विधायक हैं पर रीवा के मतदाता हैं, इनके बूथ क्रमांक 158 में 695 मतदाताओं में से 448 ने वोट डाले। यहां पर विधानसभा चुनाव में 443 वोट पड़े थे।
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-- सप्ताह भर बाद भी बूथवार आंकड़ा जारी नहीं कर पाया प्रशासन
लोकसभा का चुनाव 6 मई को रीवा में संपन्न हो चुका है। करीब सप्ताह भर का समय बीत जाने के बाद भी प्रशासन बूथवार वोटिंग का प्रतिशत जारी नहीं कर पाया है। इसके लिए कई प्रत्याशियों ने भी मांग की है लेकिन प्रशासन की ओर से टालमटोल किया जा रहा है। कहा गया था कि वोटिंग के बाद चुनाव आयोग एवं जिला प्रशासन के पोटज़्ल पर पूरी जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। इसी तरह विधानसभा के चुनाव में भी कई दिनों तक आंकड़ों का मिलान नहीं हो पाया था। जिसके चलते पारदशीज़् व्यवस्था पर सवाल उठाए गए थे।