
M-Shiksha mitra e-Attendance: mobile network not available in village
रीवा। जिन गांवों में मोबाइल फोन का नेटवर्क स्थाइ रूप से उपलब्ध नहीं हैं। वहां स्थित स्कूलों में शिक्षकों को एम-शिक्षामित्र एप के प्रयोग के साथ इ-अटेंडेंस की अनिवार्यता से मुक्ति मिल जाएगी। नेटवर्क की समस्या को लेकर शिक्षकों की ओर से किए जा रहे विरोध के मद्देनजर न केवल शासन स्तर से यह निर्णय लिया गया है। बल्कि स्थानीय शिक्षा अधिकारियों ने नेटवर्क की समस्या वाले गांवों की पड़ताल भी शुरू कर दी है।
डीइओ कराएंगे गांवों का सत्यापन
जिले के किन गांवों में मोबाइल फोन का नेटवर्क नहीं है। जिला शिक्षा अधिकारी अंजनी कुमार त्रिपाठी ने शासन के निर्देश के मद्देनजर प्राचार्यों से यह जानकारी मांगी है। डीइओ की ओर से इसके लिए प्राचार्यों को बकायदा प्रोफार्मा जारी किया गया है। योजना के मुताबिक प्राचार्यों की जानकारी प्राप्त होने के बाद डीइओ की ओर से गठित कमेटी संबंधित गांवों में इस बात का सत्यापन करेगी कि नेटवर्क नहीं होने संबंधित प्राचार्यों से मिली जानकारी सत्य है या नहीं।
16 जुलाई तक शासन को भेजना है सूची
शिक्षा अधिकारियों की माने तो उन गांवों में स्थित स्कूलों के शिक्षकों को एप के प्रयोग से राहत दे दी जाएगी, जिन गांवों में स्थाई रूप से अभी इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है। शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुरूप नेटवर्क की समस्या वाले गांवों की सूची जिला शिक्षा अधिकारी को 16 जुलाई तक शासन को भेजना है। शिक्षा अधिकारी इसके लिए बीएसएनएल सहित अन्य संचार कंपनियों का सहारा भी ले सकते हैं।
नेटवर्क की अस्थाई समस्या मान्य नहीं
उन गांवों में स्थित स्कूलों के शिक्षकों को एप से राहत नहीं मिलेगी, जहां नेटवर्क की समस्या अस्थाई है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि एप में केवल लॉगिन करने के लिए ही इंटरनेट की जरूरत होगी। लॉगिन के बाद मोबाइल फोन में नेटवर्क नहीं है तो भी इ-अटेंडेंट ऑफलाइन दर्ज हो जाएगी। जैसे ही मोबाइल में नेटवर्क आता है, उपस्थिति का विवरण सर्वर में चला जाएगा।
संस्था प्रमुख दर्ज कर सकेंगे उपस्थिति
इ-अटेंडेंस के लिए की गई व्यवस्था में अब शिक्षक किसी भी तरह की बहानेबाजी नहीं कर सकेंगे। शिक्षक के पास एंड्रायड मोबाइल नहीं है या फिर खराब है तो इस स्थिति में संस्था प्रमुख या फिर सहकर्मी के मोबाइल से उपस्थिति दर्ज की जा सकेगी। इसके अलावा संस्था प्रमुख को अधीनस्थ सभी कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की छूट व व्यवस्था दी गई है।
एप के प्रयोग के लिए यह निर्देश भी जारी
- शिक्षा विभाग के राज्य से लेकर स्कूल स्तर तक सभी लोकसेवकों के लिए एप का प्रयोग जरूरी।
- संस्था प्रमुख को नेट पैक के लिए प्रति माह १०० रुपए का व्यय भत्ता स्थानीय निधि से मिलेगा।
- अवकाश पर होने की स्थिति में एप के अवकाश का विकल्प प्रयोग करना अनिवार्य किया गया है।
- किसी कारण से उपस्थिति दर्ज नहीं हो पाने की स्थिति में शाला प्रबंधन समिति का सत्यापन मान्य होगा।
- एप के प्रयोग की जानकारी देने के लिए शिक्षक सहित अन्य लोकसेवकों को प्रशिक्षण देना होगा।
Published on:
04 Jul 2018 01:35 pm
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