
Maithili thakur in Rewa mp, Bhajan sandhya
रीवा। मशहूर भजन गायिका मैथिली ठाकुर देवतालाब में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंची। उन्हें प्रयागराज से वाहनों के काफिले के बीच पहले नईगढ़ी लाया गया, जहां पर उन्होंने विश्राम किया और सायं देवतालाब में प्रस्तुतियां दी। इस दौरान 'पत्रिकाÓ से चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि विंध्य क्षेत्र का बड़ा नाम सुना है। तानसेन सहित कई बड़े संगीतकार यहां जन्मे और क्षेत्र का नाम रोशन किया। मैथिली ने कहा कि वह वैसे तो देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर अपनी प्रस्तुतियां दे चुकी हैं, लेकिन इस अंचल में अब तक अवसर नहीं मिला था। संगीत से लगाव होने की शुरुआत से जुड़े सवाल पर कहा कि हमने संगीत को नहीं चुना, बल्कि संगीत ने ही हमें चुना है। घर पर चार-पांच साल की उम्र में जब जानने के लायक हुई तब संगीत की आवाज ही सुनाई देती थी। दादाजी मधुबनी अंचल के चर्चित संगीतकार थे। वह घर पर ही सबको सिखाते रहे हैं। इसलिए परिवार का हर सदस्य संगीत से होकर ही गुजरा है। पिता पहले दिल्ली में अकेले रहते थे, बाद में उन्होंने अपने साथ बुला लिया। जहां पर अच्छे तरीके से सीखने का अवसर मिला। दोनों भाई बराबर सहयोग देते रहे। पूरा घर ही संगीत का विद्यालय है।
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अच्छे गानों की डिमांड हर जगह
मैथिली ठाकुर ने बताया कि हर जगह कार्यक्रमों में भजन एवं अन्य अच्छे गानों की प्रस्तुतियां देने का वह प्रयास करती हैं। जिन्हें लोग पसंद करते हैं और गाने के दौरान डिमांड भी करते हैं। उन्होंने कहा कि यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर कलाकारों को अपनी प्रतिभा जाहिर करने का बड़ा अवसर मिलता है। इसका सकारात्मक उपयोग करना चाहिए।
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Published on:
27 Apr 2022 10:28 am
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