
Medicine distribution in clumsy hands in the wards of Sanjay Gandhi Hospital, arrangement based on Juda
रीवा. नर्सेस एसोसिएशन की हड़ताल चौथे दिन भी जारी रही। अनिश्चित कालीन हड़ताल के चलते अस्पताल में व्यवस्था चरमा गई। अस्पतालों में अनाड़ी हाथों में वार्ड में मरीजों को दवाएं और इंजेक्शन लगाए जाने की कमान दे गई है। अस्प्ताल प्रबंधन का दावा है कि नर्सिंग स्टूडेंट जूडॉ के सुपरविजन में काम कर रहीं हैं। डॉक्टरों के सहयोग से दवा वितरण से लेकर अन्य स्वास्थ्य सेवाएं दे रहीं हैं। अकेले संजय गांधी अस्पताल में नर्सिंग छात्रों की संख्या 200 के पार हह्वो गई है।
हवन कर सरकार को सद्बुद्द्धी के लिए की कामना
मेडिकल कालेज परिसर में धरना स्थल पर हड़ताल के चौथे दिन नर्सों ने यज्ञ शाला बनाई। इस दौरान यक्षशाला में हवन कर सरकार को सद्बुद्द्धी के लिए कामना की। यज्ञ स्थल पर कीर्तन भजन के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। संजय गांधी अस्पताल में नर्सेस एसोसिशन की जिला इकाई की अध्यक्ष अंबिका तिवारी ने कहा कि जब तक मांगे पूरी नहीं होंगीद्ध। तब तक आंदोलन जारी रहेगा। संजय गांधी अस्पताल में निजी नर्सिंग कालेजों की छात्राएं वार्ड में मरीजों को दवा लगा रहीं हैं। आंदोलित नर्सों ने कहा कि अनाड़ी हाथों में स्वास्थ्य सेवाएं दी गई है। ऐसे में मरीजों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा।
क्रिटिकल केस आने पर थोड़ी हो रही असुविधा
एसजीएमएच के अधीक्षक डॉ एससी गर्ग ने बताया कि नर्सेस के हड़ताल के विकल्प में नर्सिंग छात्राएं मोर्चा संभाल ली हैं। साथ में जूनियर डॉक्टर पूरा सहयोग कर रहे हैं। यहां तक की छात्राएं दवा वितरण सहित अन्य विधा की पद्धति भी सीख रहीं हैं। मरीजों को किसी तरह की दिक्कत नहीं हो रही है। कुछ वार्डो में क्रिटिकल केस आने पर थोड़ी असुविधा हो रही है। उसे भी जूनियर डॉक्टर संभाल रहे हैं। इधर, जिला अस्पताल में भी नर्सों की हड़ताल जारी है।
कोर्ट का फैसला आते ही हो सकती है कार्रवाई
मेडिकल कालेज नर्सों के खिलाफ कार्रवाई कर सकता है। लेकिन, अभी शासन की गाइड लाइन और कोर्ट की सुनवाई का इंतजार कर रहा है। बताया गया कि पांच जुलाई को कोर्ट में नर्सों के मामले को लेकर सुनवाई है। देरशाम तक सुनवाई का फैसला आने के बाद कार्रवाई हो सकती है।
कोविड के 50 वार्ड ब्वॉय बाहर, सौंपा ज्ञापन
संजय गांधी अस्पताताल में कोविड के लिए 80 वार्ड ब्वॉय अस्थाई तौर पर रखे गए थे। कोरोना के मरीजों की संख्या होने पर 50 वार्ड ब्वॉय को बाहर कर दिया गया है। जबकि अभी 30 ड्यूटी पर हैं। शनिवार को बाहर किए गए अस्थाई वार्ड ब्वॉय मेडिकल कालेज में डीन डॉ. मनोज इंदुलकर को ज्ञापन सौंपा है। इसके बाद वार्ड ब्वॉय ज्ञापन लेकर कमिश्नर कार्यालय पहुंचे। यहां कमिश्नर को संबोधित प्रभारी ज्वाइंट कमिश्नर सतीश निगम को ज्ञापन शासन से नियुक्ति किए जाने की मांग उठाई है।
Published on:
04 Jul 2021 12:11 pm

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