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अतिथि विद्वानों की लंबित मांग पर निर्णय की तारीख तय, जानिए क्या है मांग और तारीख

मानदेय पर 16 जुलाई को होगा फैसला...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 11 Jul 2018, 12:22 PM IST

Meeting of Executive Council fixed for demand of guest faculty in APSU

Meeting of Executive Council fixed for demand of guest faculty in APSU

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में अतिथि विद्वानों के मानदेय पर फैसला 16 जुलाई को होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यपरिषद की आपातकालीन बैठक के लिए 16 जुलाई की तिथि तय की है। परिषद सदस्यों को बैठक की सूचना मंगलवार को भेज दी गई।

बैठक बुलाने का दिया गया है आश्वासन
अतिथि विद्वानों को कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव की ओर से दिए गए आश्वासन के मद्देनजर कार्यपरिषद की तात्कालिक बैठक बुलाई गई है। वैसे तो बैठक बुलाने का अभिप्राय अतिथि विद्वानों के मानदेय पर चर्चा करना ही है। लेकिन अधिकारियों ने एजेंडा में एक बिन्दु को और शामिल कर लिया है।

एजेंडा में मानदेय के अलावा दूसरा बिन्दु भी
मानदेय के अलावा दूसरा बिन्दु विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित होने वाले कंफेडेरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज के लिए वित्तीय स्वीकृति लेना है। सेंटर के स्थापना को लेकर अनुमति पिछली बैठक में ही मिल चुकी है। सेंटर की ओर से युवाओं को रोजगार दिलाने का दावा किया गया है। रोजगार व प्रशिक्षण देने के आधार पर विश्वविद्यालय के साथ इंडस्ट्री ने एमओयू किया है।

मांग को मिल सकती है हरीझंडी
कार्यपरिषद में अतिथि विद्वानों के मानदेय से संबंधित मांगों पर हरीझंडी मिलने की संभावना जताई जा रही है। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रस्ताव कुछ ऐसा ही है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से महाविद्यालयों के अतिथि विद्वान के बावत जारी आदेश को आधार बनाया गया है। हालांकि शासन से मागदर्शन लिए जाने का पेंच निर्णय में आड़े आ सकता है।

सांकेतिक प्रदर्शन जारी, छात्रसंघ का समर्थन
इधर अतिथि विद्वानों का सांकेतिक धरना प्रदर्शन जारी है। कार्यपरिषद की बैठक तक सांकेतिक प्रदर्शन करने का निर्णय लेने के बाद से अतिथि विद्वान हर रोज शाम को प्रशासनिक भवन के समक्ष एक घंटे तक प्रदर्शन करते हैं। मंगलवार को विश्वविद्यालय के छात्रसंघ ने भी अतिथि विद्वानों के मांगों का समर्थन किया और कुलपति को ज्ञापन सौंपकर मांग पूरी करने की अपील की। कहा कि ताकि अध्ययन-अध्यापन का कार्य शुरू हो सके। ज्ञापन सौंपने वालों में छात्रसंघ के अध्यक्ष दीपाली शुक्ला, उपाध्यक्ष वेदवती तिवारी, सचिव रोहित सिंह बघेल व सह सचिव पूर्णिमा पांडेय सहित अन्य छात्र-छात्राएं शामिल रहीं।

इधर दैनिक वेतनभोगी बने स्थायी कर्मी
इधर विश्वविद्यालय में कार्यरत दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों को स्थायी कर्मी बनाने का भी आदेश जारी कर दिया गया है। विश्वविद्यालय कर्मचारी संघ की मांगों की सूची में यह मांग प्रमुख मांगों में शामिल रही है। कुलसचिव लाल साहब सिंह ने आदेश जारी होने की पुष्टि करते हुए बताया है कि कर्मचारियों को अब एक समान पारिश्रमिक का भुगतान हो सकेगा।

कर्मचारी लंबे समय से कर रहे मांग
विश्वविद्यालय की ओर से यह आदेश शासन स्तर से जारी आदेश के हवाले से जारी किया है। शासन की ओर से आदेश तो काफी पहले जारी हो चुका है। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने अब जाकर इस पर अमल किया है। कर्मचारी इस आदेश को जारी करने की मांग को पिछले कई महीनों से लगे हुए हैं। अभी हाल में इसके लिए उनकी ओर से कार्य बहिष्कार भी किया गया था, जो आश्वासन पर स्थगित हुआ।