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मुख्य सचिव मोहंती बोले, कौआ बैठने से ट्रांसफार्मर खराब बताने का चलन बंद करो, मिलावटखोरी पर कही ये बड़ी बात

    मिलावटखोरी पर दिखावटी नहीं सख्त कार्रवाई चाहिए, सिफारिश नहीं चलेगी- मुख्य सचिव एसआर मोहंती ने कलेक्ट्रेट में रीवा और शहडोल संभाग के प्रमुख अधिकारियों की बैठक ली

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रीवा

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Mrigendra Singh

Sep 10, 2019

rewa

Mp government, chief secretory SR Mohanti and ps in rewa mp


रीवा। मुख्य सचिव एसआर मोहंती प्रदेश के चार प्रमुख सचिवों के साथ रीवा पहुंचे। करीब साढ़े चार घंटे से अधिक समय तक रीवा और शहडोल संभाग की समीक्षा की गई, जिसमें मिलावट खोरी पर प्रमुख रूप से चर्चा हुई। अधिकारियों को उन्होंने निर्देशित किया है कि मिलावटखोरी पर बड़ा अभियान चलाएं, यह कार्रवाई दिखावटी नहीं होना चाहिए। जो भी ऐसे लोग हैं मिलावट कर खाद्य सामग्री बेंचते हैं उन सबको खाद्य सुरक्षा कानून के नियमों के तहत गिरफ्तार कर जेल भेजना शुरू करें।

मोहंती ने स्वयं का उदाहरण देते हुए बताया कि परिवार के एक सदस्य की मिलावटी सामग्री खाने से तबियत खराब हुई तो पौने दो लाख रुपए खर्च करना पड़ा है। इसलिए उन परिवारों का दर्द हमें पता है, जो मिलावटी सामग्री खाने से बीमार हो रहे हैं। मुख्यमंत्री का भी सख्त निर्देश है कि इस मामले में बड़ी कार्रवाई होना चाहिए। इसके अलावा कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लगातार शिकायतें आ रही हैं, इन पर भी कलेक्टर ध्यान देकर काम करें।

बैठक में प्रमुख रूप से कई अधिकारी मौजूद रहे, जिसमें प्रमुख सचिव गृह एसएन मिश्रा, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति नीलम शमी राव, प्रमुख सचिव खनिज नीरज मंडलोई, प्रमुख सचिव राजस्व मनीष रस्तोगी एवं प्रबंध संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन छवि भारद्वाज ने भी अपनी बातें रखीं और अपने विभाग के अधिकारियों से व्यवस्थाएं बनाने के लिए कहा। इस दौरान रीवा के संभागायुक्त डॉ. अशोक भार्गव एवं शहडोल के संभागायुक्त आरबी प्रजापति ने कहा है कि इन निर्देशों को वह अपने क्षेत्र के जिलों में लागू कराने का काम करेंगे। बैठक में सभी जिलों के कलेक्टर एवं अन्य प्रमुख अधिकारी मौजूद रहे।


- बिजली कंपनी पर नाराजगी, बोले कौआ बैठने से ट्रांसफार्मर नहीं होते खराब
मिलावटखोरी के साथ ही बिजली पर प्रमुख फोकस रहा। सीएस ने कहा कि बिजली कंपनी वालों की शिकायतें पूरे प्रदेश से आ रही हैं। कुछ कर्मचारी साजिश के तहत लाइन ट्रिप करवा रहे थे, उन्हें चिन्हित कर कार्रवाई की जा रही है। गांवों में ट्रांसफार्मर खराबी के नाम पर कई दिनों तक बिजली सप्लाई बाधित की जा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कौआ बैठने से ट्रांसफार्मर खराब नहीं हो जाते लेकिन कंपनी के कर्मचारी गुमराह करने का काम कर रहे हैं। सभी कलेक्टर यह देखें कि सामान्य खराबी मौके पर ही सुधारी जाए। बिजली बिल को लेकर कहा कि सरकार ने नई योजना के तहत छोटे उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है, इसमें निगरानी रखें कि कहीं कंपनी मनमानी न करने पाए।
- सड़कों के लिए 30 नवंबर तक का समय
सड़कों की समस्या को लेकर भी नेशनल हाइवे एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई। कहा कि गड्ढे पाटने के लिए बहाने नहीं चलेंगे। बरसात की वजह से कुछ जगह सड़कें खराब हुई हैं, उन्हें सुधारने और अधूरे प्रोजेक्टों को पूरा करने के लिए 30 नवंबर तक का समय है। इसके बाद अधिकारियों को मौका नहीं मिलेगा बल्कि सख्त कार्रवाई की जाएगी।
- देर से पहुंचे अफसरों को घुसने नहीं दिया
सुबह बारिश के बीच मुख्य सचिव कलेक्ट्रेट पहुंच गए। करीब पांच मिनट तक उन्होंने मीटिंग हाल में आवाजाही होती रही। इसके बाद चर्चा शुरू की, लगातार आना-जाना होता रहा। इससे नाराज होकर उन्होंने प्रवेश रोक दिया। जिससे कई जिलों के बड़े अधिकारी भी बाहर ही रह गए। जिसमें प्रमुख रूप से सतना और सीधी के सीएमएचओ, शहडोल के पीडब्ल्यूडी के एसई, बाणसागर के अधीक्षण यंत्री, कृषि के उपसंचालक सहित कई अन्य जिलों के बड़े अधिकारी बाहर ही रह गए। उन्होंने रीवा और शहडोल संभाग के संभागायुक्तों से कहा है कि इन अधिकारियों से बाद में पूछें कि आखिर देर क्यों हुई।
- कमिश्नर-कलेक्टर अपने अधिकार समझें, भोपाल के भरोसे नहीं रहें
कमिश्नर और कलेक्टर से कहा कि अपने अधिकारों को समझें और हर काम भोपाल के भरोसे नहीं टरकाएं। स्वयं अपने अधिकारों का उपयोग करें। जनता की समस्याओं को लेकर कहा कि जो भी कार्यालय आ रहे हैं उनकी बातें सम्मान के साथ सुनी जाएं। गांवों में जाकर लोगों से संवाद कर उनकी समस्याएं सुनी जाएं। राजस्व के मैदानी अमले पर कड़ी नजर रखने के लिए कहा है। कहा कि सीमांकन, नामांतरण, बंटवारा आदि की कई तरह की गंभीर शिकायतें आ रही हैं। छह माह से अधिक इस तरह की शिकायतें लंबित नहीं रहें। किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से काम करने का निर्देश दिया है।

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