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जल उपभोक्ता संथाओं के चुनाव की घोषणा, एक से भरे जाएंगे नामांकन

- लोकसभा चुनाव के चलते भंग संथाओं का कार्यकाल छह माह बढ़ाया गया था - 16 जून को मतदान की तिथि की गई निर्धारित,

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रीवा

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Mrigendra Singh

May 26, 2019

rewa

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रीवा। सिंचाई प्रबंधन में कृषकों की भागीदारी को लेकर गठित की जानी वाली जल उपभोक्ता संथाओं के चुनाव का कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसमें सदस्यों एवं अध्यक्षों का निर्वाचन कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी इला तिवारी ने बताया कि जल उपभोक्ता संथा के निर्वाचन के लिए एक जून से नाम निर्देशन पत्र प्राप्त किए जाएंगे।

नाम निर्देशन पत्र भरने की अंतिम तिथि 3 जून निर्धारित की गई है। दखिल नामांकन पत्रों की जांच 4 जून को की जाएगी। अभ्यर्थिता से नाम वापसी 6 जून को अपरान्ह 3 बजे तक ली जा सकेगी। निर्वाचन लडऩे वाले अभ्यर्थियों की सूची का प्रकाशन 7 जून को किया जाएगा। इसी दिन निर्विरोध निर्वाचन परिणाम की घोषणा की जाएगी। 16 जून को प्रात: 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक मतदान होगा एवं मतदान संपन्न होने के पश्चात मतगणना की जाएगी। मतगणना का सारणीकरण एवं निर्वाचन अधिकारी द्वारा परिणामों की घोषणा तथा निर्वाचन प्रमाण पत्र 18 जून को प्रदाय किए जाएंगे।


- अध्यक्ष का चुनाव 23 को होगा
जल उपभोक्ता संथा के लिए अध्यक्ष का निर्वाचन 23 जून को होगा। इसके लिए 20 जून को मतदाता सूची एवं सूचना का जनपद पंचायत के सूचना पटल पर प्रदर्शन किया जाएगा तथा निर्वाचित सदस्यों को सूचना भेजी जाएगी। अध्यक्ष पद के निर्वाचन के लिए 23 जून को नाम निर्देशन पत्र सुबह 11 बजे से 12 बजे तक प्राप्त किए जाएंगे। इसी दिन दोपहर 12.30 बजे से 1 बजे तक नाम निर्देशन पत्रों की जांच की जाएगी। अपरान्ह 1 बजे से 1.30 बजे तक नाम निर्देशन पत्र वापस लिए जा सकेंगे। अभ्यर्थियों की अंतिम सूची का प्रकाशन 23 जून को ही दोपहर 2 बजे से किया जाएगा। 3 बजे से 5 बजे तक मतदान होगा तथा मतदान के तत्काल पश्चात मतगणना की जाएगी।

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छह माह का कार्यकाल बढ़ाया गया था

बताया गया है कि कई संथाएं ऐसी हैं जिनका कार्यकाल करीब एक साल पहले समाप्त हो चुका है। पूर्व में विधानसभा चुनाव के चलते छह माह का कार्यकाल बढ़ाया गया था, लेकिन प्रदेश में कांग्रेस की नई सरकार गठित होते ही उपभोक्ता संथाओं को भंग कर वहां पर प्रशासक के रूप में सहायक यंत्रियों एवं उपयंत्रियों को नियुक्त किया गया था। बीते 3 जनवरी 2019 के बाद से कार्यकाल समाप्त होने वाली संथाओं को फिर से छह महीने का समय दिया गया है। इनमें नियुक्त प्रशासकों को फिर विभाग ने बुला लिया और पहले से कार्य कर रहे अध्यक्षों को कमान सौंप दी। आगामी 3 जून तक यह कार्यकाल है।


- अधिकार बढऩे के बाद संथाओं से जुडऩे पर जोर
बीते कुछ समय से जल उपभोक्ता संथाओं के अधिकार लगातार बढ़ाए गए हैं। इसलिए इन संथाओं से जुडऩे के लिए किसानों के साथ ही नेताओं द्वारा काफी जोर लगाया जा रहा है। लगातार करीब एक वर्ष से कार्यकाल बढ़ाए जाने के चलते शिकायतें भी की जा रही हैं कि समय पर इनके चुनाव कराए जाएं। पिछले चुनाव में कई ऐसे नेताओं ने भी इसमें हिस्सेदारी निभाई थी जो विधानसभा और जिला पंचायत सदस्य के लिए भी चुनाव लड़ते रहे हैं।


- इन संथाओं का बढ़ाया गया था कार्यकाल
रीवा- दाईंतट नहर, बार्इंतट नहर, लोनी, सहलोलवा, डीह, अंजोरा, देउपा, पतुलखी, शाहपुर, पहाड़ी, फूल, गोविंदगढ़, पडा़ेखर, मऊगंज, कन्हैया, रामसागर, बेलहा, रौरा, तमरा, रहट, खम्हरिया, डाड़ीटोला, बीरखाम, बरौं, पटना, अमरा, हर्दी, कठार, पटेहरा, तमरा पहाड़, सगरा, देवरी, लक्ष्मणपुर, टिकुरी, धवैया, आलमगंज, तिवनी, पिपरवार, बरगवां, देवास, मुडिय़ारी, मरैला, दुलहरा, कटकी, रिमारी, हटवा, कंदैला।
सतना- रामपुर बाघेलान, हिनौती, खगौरा, जमौड़ी, पवैया, अबेर, बूढ़ावाउर, भैंसवार, हनुमान, मटेहना, रैगांव, अमकुई, सिंहपुर, कोलगढ़ी, रमनी, श्री नीलकंठ, सलैया मझगवां धनवाही, मॉ शारदा, देवरा मोलहाई, असरार, ताला, अमुआ, विरहना, चितहरा, भटनवारा
सीधी- गोतरा, सीधी, सारो, शेर, गंजरी, कोडाऱ, महराजपुर, सिरौला, कपुरी कोठार, चोरगढ़ी, नैकिन, झांझ, भितरी, पडख़ुरी, बडख़रा, पचोखर, मधुगंाव, हटवा, बिठौली, डिहुली, चितवरिया, हिनौती, बघोर, बजरंगगढ़, कनकटी, बोकरो, मनकीसर, बढ़ौरा, धनहा।
सिंगरौली - पिपरा नौगढ़ खुटार, माड़ी पूरवा, चितरंगी , गर्रा, सुहिरा, रम्पा, आहिलो, पोड़ी, बरका आदि।