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नैक मूल्यांकन पर विश्वविद्यालय की दिलचस्पी नहीं, दो साल से लंबित मूल्यांकन

- विश्वविद्यालय को मिलने वाली ग्रांट पर पड़ेगा असर- नवाचार में पिछड़े, प्राध्यापकों के खाली हैं पद

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रीवा

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Mrigendra Singh

Dec 08, 2021

rewa

Naac grading apsu rewa mp

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रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय द्वारा नेशनल असेसमेंट एण्ड एक्रेडिटेशन काउंसिल(नैक) से मूल्यांकन कराने के कार्य में हीलाहवाली बरती जा रही है। करीब दो वर्ष से यह मूल्यांकन अधूरा है, जिस पर पूर्व में तैयारियां की गई थी लेकिन अचानक से कोरोना काल आ गया। जिसकी वजह से निरीक्षण का कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था। इसके बाद फिर तैयारी शुरू की गई लेकिन बीते करीब एक वर्ष से विश्वविद्यालय प्रबंधन इस मामले में पूरी तरह से उदासीन नजर आ रहा है। नैक मूल्यांकन से जुड़ी तैयारियां करने में लेटलतीफी होने की वजह से इस साल भी नैक ग्रेडिंग के लिए निरीक्षण हो पाना मुश्किल है। राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद ने कोरोना काल की वजह से वर्ष २०२० में प्रस्तावित निरीक्षण को स्थगित कर दिया था। इसके बाद विश्वविद्यालय के पास कमियों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय भी मिल गया।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने कुछ समय पहले ही कहा है कि जिन विश्वविद्यालय या कालेजों की नैक ग्रेडिंग नहीं होगी, उनका अनुदान रोका जा सकता है। ऐसे में यदि समय पर विश्वविद्यालय प्रबंधन नैक ग्रेडिंग के प्रयास नहीं करता तो बड़ा नुकसान संस्थान का हो सकता है। पूर्व में बी ग्रेड रीवा के विश्वविद्यालय को मिली थी। जिसके चलते रूपा परियोजना के तहत कैम्पस के विस्तार और सुविधाओं के लिए २० करोड़ रुपए की राशि मिली है। इसमें दस करोड़ रुपए प्राप्त हो चुके हैं, जिनसे कई निर्माण कार्य शुरू कराए गए हैं। आने वाले दिनों में नैक की ग्रेडिंग नहीं मिलने की स्थिति में यूजीसी से मिलने वाले अनुदान रोक जा सकते हैं, जिससे विश्वविद्यालय की व्यवस्थाएं प्रभावित होंगी। विश्वविद्यालय में शिक्षकों के पद भी खाली हैं, यह भी संकट उत्पन्न कर सकता है।
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नए सिरे से संसाधनों की तैयार हो रही रिपोर्ट
विश्वविद्यालय में नैक तैयारियों को लेकर बनाए गए आइक्यूएसी के नोडल अधिकारी प्रो. एपी मिश्रा ने बताया कि पूर्व में तैयारियां थी और निरीक्षण कराने की स्थिति में विश्वविद्यालय पहुंच रहा था। उसी दौरान कोरोना काल आया और नैक मूल्यांकन का कार्य भी रोक दिया गया। अब फिर से बीते पांच साल की वार्षिक गुणवत्ता आश्वासन रिपोर्ट तैयार की जा रही है। इसके लिए एक्सपर्ट एजेंसी का सहयोग भी लिया जा रहा है। यह रिपोर्ट तैयार होने के बाद नेशनल असेसमेंट एण्ड एक्रेडिटेशन काउंसिल को भेजी जाएगी। इसके बाद तय होगा कि विश्वविद्यालय निर्धारित मानकों को पूरा करता है अथवा नहीं। रिपोर्ट के बाद ही निरीक्षण को लेकर दिशा निर्देश नैक की ओर से जारी किए जाएंगे।
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साल भर से ठप पड़ी तैयारियां
नैक मूल्यांकन के लिए करीब साल भर पहले तक तैयारियां सही रफ्तार पर थी। तत्कालीन कुलपति प्रो. एनपी पाठक स्वयं तैयारियों की निगरानी कर रहे थे। कोरोना गाइडलाइन के प्रतिबंधों के बावजूद वेबीनार एवं अन्य माध्यमों से एक्सपर्ट से संपर्क कर तैयारियों को आगे बढ़ाया था। सभी विभागों की वह नियमित बैठकें ले रहे थे। यूटीडी में सीबीसीएस भी इसी के तहत लागू हुआ। वर्तमान कुलपति का कार्यकाल करीब एक वर्ष पूरा होने जा रहा है। इनकी ओर से नैक मूल्यांकन के लिए अब तक कोई प्रयास नहीं किए गए हैं। जबकि बीते कई महीने से कोरोना की स्थितियां सामान्य हैं।
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नैक को दरकिनार कर दीक्षांत का आयोजन
नैक मूल्यांकन विश्वविद्यालय की ग्रेड निर्धारित करेगा, जिससे अनुदान के साथ ही अन्य व्यवस्थाओं में इजाफा होगा। इसमें छात्रों के साथ ही पूरे विश्वविद्यालय का भला होना है लेकिन प्रबंधन ने नैक मूल्यांकन कराने के लिए कोई प्रयास ही नहीं किया है। हाल ही में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया, जिसको लेकर सवाल उठे कि यह कार्यक्रम कभी भी किया जा सकता था लेकिन इससे पहले नैक ग्रेडिंग प्राप्त करना चुनौती भरा कार्य पूरा करना चाहिए।


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नैक मूल्यांकन में यह व्यवस्थाएं देखी जाती हैं


- पाठ्यक्रम की जांच और यह देखा जाता है, कि पाठ्यक्रम वर्तमान समय में निर्धारित किए गए मानक या स्टैण्डर्ड के अनुरूप है अथवा नहीं।


- अनुसंधान, परामर्श और विस्तार करने की क्षमता की जांच।
- छात्रों से संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली सुविधाओं के विषय में पूछा जाता है यदि छात्र संस्थान की सुविधाओं से संतुष्ट होते हैं तो इसे अच्छा माना जाता है।
- संस्थान के संगठन और प्रबंधन के विषय में विस्तार से जानकारी को प्राप्त करता है।
- छात्र और संस्थान के मध्य अनुशासन किस प्रकार का है नैक के द्वारा जांचा जाता है।
- संस्थान के निर्माण और संसाधनों को भी परखा जाता है।
- शिक्षा प्रदान करने के समय आवश्यक उपकरण की उपलब्धता भी देखी जाती है।
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नैक मूल्यांकन का भी कार्य होगा। इसकी तैयारियां की जा रही हैं। जल्द ही एक्यूएआर रिपोर्ट भेजी जाएगी। नैक और दीक्षांत दोनों जरूरी हैं, इसलिए दीक्षांत का कार्य हुआ है, अब नैक मूल्यांकन पर जोर होगा।
राजकुमार आचार्य, कुलपति एपीएसयू रीवा