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रीवा। शहर में नई कालोनियां एवं बड़े भवनों का निर्माण लगातार बढ़ता जा रहा है लेकिन इसके बावजूद नगर निगम की आर्थिक हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा है। निगम अधिकारियों की बिल्डर्स के साथ मिलीभगत की वजह से हर साल लाखों रुपए राजस्व का नुकसान हो रहा है। इसी से जुड़ी एक शिकायत नगर निगम आयुक्त के पास पहुंची है। जिसमें बताया गया है कि किस तरह से निगम के अधिकारियों की लापरवाही की वजह से राजस्व का नुकसान हो रहा है।
इस मामले में जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए जांच कराने की मांग की गई है ताकि निगम को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका जा सके। सामाजिक कार्यकर्ता बीके माला ने निगम आयुक्त को शिकायत पत्र दिया है। जिसमें उल्लेख किया गया है कि ढेकहा में ०.१२१ हेक्टेयर भूमि आवासीय बहुमंजिला इमारत बनाए जाने के लिए नगर निगम ने आर्यावर्त रियल इंफ्रा लिमिटेड द्वारा निर्माण कराया जा रहा है।
मास्टर प्लान के मुताबिक 26 मई 2014 को इसमें निर्माण की अनुमति नगर निगम की ओर से दी गई है। इसमें नगर निगम ने बिल्डर्स से शर्त रखी थी कि यदि वह निर्धारित अवधि में आवास का निर्माण नहीं करा पाते तो छह फ्लैट बंधक रहेंगे और इनसे ही भरपाई कराई जाएगी। इस पर पंजीयक कार्यालय में भी जानकारी दर्ज कराई गई।
शिकायत में कहा गया है कि इसका निर्माण तीन साल के भीतर पूरा करना था। आरोप है कि भवन निर्माण के बाद नगर निगम को मानकों का सत्यापन करना था लेकिन वर्ष 2017 में पूरी हुई अवधि के बाद से अब तक नगर निगम के अधिकारियों ने किसी तरह की प्रक्रिया नहीं अपनाई है। मई २०१७ के बाद से इस भवन पर संपत्तिकर भी अधिरोपित किया जाना था लेकिन अब तक लिखित तौर पर निगम के अधिकारियों ने संबंधित बिल्डर्स से यह नहीं पूछा है कि उनका निर्माण पूरा हुआ अथवा नहीं।
यदि निर्माण पूरा हो गया है तो उस पर टैक्स अधिरोपित करने की प्रक्रिया क्यों नहीं अपनाई गई। निगम अधिकारियों ने निर्माण की अवधि भी अभी तक बढ़ाने के लिए कोई कदम नहीं उठाया है। शिकायतकर्ता बीके माला ने यह भी आरोप लगाया है कि निगम अधिकारियों ने बिल्डर्स से मिलीभगत करके अब तक कोई नोटिस तक जारी नहीं किया है। जबकि मकान खरीदने के लिए जिन लोगों से राशि ली गई है उसमें भी कई लोगों ने शिकायत दर्ज कराई है।
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अन्य बिल्डर्स के निर्माण की शर्तें जांचने की मांग
शिकायतकर्ता बीके माला ने बताया कि उनकी ओर से यह भी मांग की गई है कि रीवा शहर में रियल एस्टेट का कारोबार करने वाले लोगों में अधिकांश ऐसे हैं जो अधिकारियों से मिलीभगत कर शासन को घाटा पहुंचा रहे हैं। निगम के सभी जोन में बनाए जा रहे ऐसे भवनों की अनुज्ञा से जुड़ी शर्तों की जांच कराए जाने की मांग की है।
Published on:
01 Aug 2021 12:16 pm
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