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नेशनल हाइवे-30: 52 सीटर बस में ठूस-ठूस कर भर रहे 88-100 सवारियां, जानिए, कैसे शर्मशार हो रहे यात्री

रीवा-प्रयागराज चलने वाली बसों में मनमानी, पक्षीराज बस पर चालक के बगल केबिन में बोनट से लेकर गेट तक ठूस-ठूस कर भरी सवारियां, 18 यात्रियों को सीट देने के लिए बनाया टिकट, 12 को ही दिया सीट तो हुई नोकझोक

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रीवा

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Rajesh Patel

Dec 06, 2018

National Highway-30: 52 Seater bus fills 88-100 passengers

National Highway-30: 52 Seater bus fills 88-100 passengers

रीवा. जिले में बस आपरेटर नियम-कायदे की अनदेखी कर यात्रियों को यात्रा करा रहे हैं। आरटीओ और बस आपरेटरों के गठजोड़ से सवारियों की जान जोखिम में हैं। बस आपरेटरों की मनमानी इस कदर है कि रीवा-प्रयागराज को जोडऩे वाले नेशनल हाइवे-३० पर बस परिचालकों की गुंडई के चलते सवारियों को शर्मशार होना पड़ रहा है। इतना ही नहीं बस में महिलाओं को भी खड़ी करके यात्रा करा रहे हैं, आए दिन पुरूषों और महिलाओं के बीच कहासुनी हो रही है। ये कहानी एक दिन की नहीं बल्कि रीवा से प्रयाग के लिए चलने वाली ज्यादातर बसों की है।

बस चालक के केबिन में बौनट पर बैठायी सवारी
जिले में हर रोज बस परिचालक और सवारियों के बीच झगड़ा की खबर आ रही है। उदाहरण के तौर पर सुबह 7.45 बजे प्रयागराज से रीवा के लिए बस नंबर एमपी-१८ सी ६६५७ (पक्षीराज) सवारियों को भर कर आ रही थी। 52 सीटर बस पर 88 सवारियों को ठूस-ठूस कर भरा था। बस चालक के केबिन में परिचालक और चालक के बजाए बौनट पर 13 सवारियों भरा था। बस जैसे ही नारीबारी पहुंचीं। यहां भी परिचालक ने एक महिला और दो पुरूष यात्रियों को यह कहकर चढ़ाया कि सीट मिल जाएगी।

बार्डर पर सीट खाली कराकर दूसरे को बैठा दिया
तीनों यात्री बस पर सवार हुए तो, प्रयागराज से सीट नंबर 6,7 और 8 नंबर यात्रा कर रहे सवारियों को उठाकर दूसरे को बिठा दिया। उठाने को लेकर परिचालक से कहासुनी हो गई। इस दौरान यात्रियों ने कहा, १८ लोगों को सीट पर बैठने का टिकट दिया है। 12 लोगों को ही सीट मिली है। चार लोग एक दूसरे के गोद में बैठ कर यात्रा कर रहे हैं। दो लोगों को बौनट पर बैठाए हो। चलती बस पर परिचालक से कहा सुनी होने लगी।

चाकघाट बार्डर पर परिचालक ने यात्रियों को फटकारा
बस चाकघाट बार्डर पर पहुंची तो परिचालक ने यात्रियों को फटकारा और कहा पंचायत मत करो। तुमने मेरी बोहनी खराब कर दी। परिचालक ने सवारियों को अपशब्दो का भी प्रयोग करते हुए खड़े रहने को कहा। इस दौरान साथ में यात्रा कर रहीं महिलाओं को शर्मशार होना पड़ा। आस-पास बैठे लोगों के पूछने पर सवारियों ने बिहार से आने को बताया। बिहार से प्रयागराज तक ट्रेन से आए, इसके बाद वह बस से रीवा आ रहे थे।

प्रति सवारी 1400 रुपए अर्थदंड का प्रावधान
रीवा से प्रयागराज के लिए आधा दर्जन से अधिक बसे चलती हैं। 52 सीटर पर बस पर 60 से 80 सवारियों को ठूस-ठूसकर परिवहन कर रहा रहे हैं। जबकि सीट से अतिरिक्त बैठने पर 1500रुपए प्रति सवारी जुर्माना लगाने का प्रावधान हैं। जुर्माना 1020 रुपए से कम नहीं होगा।

बसें में किराया लिस्ट, फास्ट-एड बॉक्स गायब
पक्षीराज, प्रयागराज सहित ज्यदातर बसों में ट्रासपोर्ट की चलने वाली बसों में न तो किराया लिस्ट चस्पा है और न ही फास्ट-एड बाक्स लगे हैं। रीवा नए बस स्टैंड से चलने वाली बसें आरटीओ कार्यालय के सामने और बैरियर को पास करने के बाद ही गन्तव्य को जाती हैं।

महिलाओं के लिए सीट तक आरक्षित नहीं
बसों में परमिट के शर्तों के अनुसार एक भी सुविधाएं नहीं हैं। बस में यात्रा के लिए न तो महिलाओं के लिए सीट आरक्षित की गइ्र है और न ही इमर्जेंसी खिडक़ी लगी है। खिडक़ी की जगह सीट लगा दी गई है। दो दरवाजे तो लगाए गए हैं, लेकिन दरवाजे बस चलते समय कब टूट जाएंगे, इसका भरोसा नहीं है।

लगेज के नाम पर भाड़ा वाहन बनी बसें
रीवा-प्रयागराज मार्ग पर चलने वाली ज्यादातर बसें यात्रियों के लगेज के नाम पर लोहा, किराना, महुआ, गल्ला, सब्जी सहित अन्य का सामग्री का परिवहन करते हैं। मंगलवार को पक्षीराज की बस एमपी-१८ सी ६६५७ पर भारी मात्रा में बस की छत पर सामान लोड किया गया था। जबकि सवारियों भी डेढ़ गुना अधिक भरी रहीं।