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रीवा। राष्ट्रीय लोक अदालत में आई बहू ने तीन साल बाद पति व ससुरालवालों पर दर्ज दहेज वापसी का प्रकरण वापस ले लिया। महिला ने यह राशि पति को ससुर के इलाज में खर्च कराने की बात कही। वर्ष 2015 में परिवार एवं कुटुम्ब न्यायालय में अंजू बनाम कवि मिश्रा मामले में बहू अंजू त्रिपाठी ने दहेज वापसी का वाद दायर किया था। शहर के इस हाई प्रोफाइल मामले में सुलह कराने में प्रधान न्यायाधीश सुभाष कुमार जैन ने अहम भूूमिका भी निभाई। वहीं जिला एवं सत्र न्यायाधीश जेके वर्मा की खंडपीठ ने अजीत सोनी पति व पत्नी निशा सोनी बीच लम्बे समय से चल रहे विवाद को समझाइश देकर सुलह करवाया। इसके बाद वह वापस एक दूसरे के साथ घर चले गए। न्यायालय में ही इन पति-पत्नी को एक दूसरे का माला पहनाकर डीजे ने इन्हें विदा किया। विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आयोजित राष्ट्रीय लोकअदालत में 5258 मामलों में न्यायाधीशों ने समझौता के आधार पक्षकारों में सुलह कराई।इन मामलों में ११ करोड़ 99 लाख रुपए का समझौता राशि पक्षकारों को मिली है।
न्यायालय परिसर में लोक अदालत
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश में शनिवार को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला सत्र न्यायाधीश ने न्यायालय परिसर में दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि लोक अदालत लोगों को त्वरित न्याय दिलाने में अहम भूमिका निभा रही है आपसी समझौते के आधार पर मामला निराकृत होने से दो पक्षों प्यार व भाईचारा बना रहता है। इस दौरान विशेष न्यायाधीश उमेश पांडव, आरपी सोनकर, विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संदीप श्रीवास्वत, अपर सत्र न्यायधीश मो. शकील खान, सुधीर सिंह राठौर, रावेन्द्र भारद्वाज, श्रीपाल यादव सहित न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अतिरिक्त लोक अदालत त्योंथर, मऊगंज, सिरमौर सहित राजस्व न्यायालय में आयोजित की गई।
31 सौ प्रकरण हुए वापस
राष्ट्रीय लोक अदालत पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी 3198 मामले किसानों से वापस लिए। लोक अदालत को लेकर बड़ी संख्या में विद्युत कंपनी ने नोटिस जारी किया था। नोटिस लेकर आए ऐसे किसान जो कि गरीब रेखा व श्रम कार्डधारी हैं से शासन की योजना के अनुसार इन सभी पर दर्ज प्रकरण वापस ले लिए है। इस दौरान पूरे दिन विद्युत कंपनी ने कैंम्प में किसानों की भीड़ रही है। बताया जा रहा है कि अब तक विद्युत कंपनी 12 हजार से अधिक कि सानों का बिल माफ कर चुकी है।
निराकृत मामलों की संख्या
प्रकरण की संख्या निराकृत प्रकरण समझौता राशि
दंडिक प्रकरण १०२
चेक बाउंस प्रकरण ७८ १३६१५२२८
मोटर क्लेम ८०१५४८३०००
सिविल ५८ ६२३३८
परिवारिक विवाद २९
विद्युत प्रकरण ३१९८ ५८८००००३
विद्युत प्रीलिटिगेशन ८८६ ६५७३०००
बैंक प्रीलिटिगेशन ३८७ १५१२६५७८
जलकर प्रीलिटिगेशन २८१ ४२२०००
अन्य १५९ ९८५०४००
Published on:
09 Sept 2018 06:35 pm
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