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मानव विकास में जानिए क्या है सबसे बड़ी बाधा, विशेषज्ञों ने बताई स्थिति की भयावहता

देश ही नहीं विदेश भी चपेट में...

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रीवा

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Ajit Shukla

Jul 12, 2018

National Seminar on World Population Day in APSU Rewa

National Seminar on World Population Day in APSU Rewa

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में विश्व जनसंख्या दिवस पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के लाइफ लांग लर्निंग विभाग की ओर से आयोजित संगोष्ठी में राजेंद्र प्रसाद सक्सेना बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि ने कहा कि बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोग जागरूक तो हुए हैं लेकिन आज भी बढ़ोत्तरी सामान्य से अधिक है। कहा कि बढ़ी जनसंख्या मानव विकास में सबसे बड़ी बाधा है।

ज्ञान में बढ़ोत्तरी की जरूरत
मुख्य अतिथि ने कहा कि बढ़ोत्तरी की जरूरत है तो लोगों के ज्ञान और समझ की। इसके लिए प्रयास किए जाने चाहिए। विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित प्रमोद वत्स ने कहा कि जनसंख्या में बढ़ोत्तरी के चलते संसाधनों की लगातार कमी होती जा रही है। महंगाई सहित अन्य समस्याएं इसी का नतीजा हैं।

औचारिकता बन कर रह गया दिवस
संगोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए विभागाध्यक्ष प्रो. डीएस बघेल ने कहा है कि वर्तमान में विश्व जनसंख्या दिवस एक औपचारिकता बनकर रह गया है। दिवस मनाए जाने का अभिप्राय निदान व उनके विकल्पों पर विचार करना होना चाहिए। जिससे समाधान के रास्ते निकल सकें।

विशेषज्ञों ने बताई शोध की जरूरत
संगोष्ठी में उपस्थित अन्य कई दूसरे विशेषज्ञों ने जनसंख्या विषय पर शोध की जरूरत बताई है। कहना है कि जनसंख्या नियंत्रण के लिए किस तरह के ठोस कदम उठाए जाने चाहिए, इस पर विस्तृत शोध की जरूरत है। विधि विशेषज्ञों से विमर्श के बाद इस पर कानून भी बनाया जा सकता है।

संगोष्ठी में यह भी रहे शामिल
इस अवसर पर संगोष्ठी प्रतिभा प्रजापति, सोनाली शुक्ला, गौरव पाठक, नीतू शुक्ला, समिधा तिवारी, पारूल द्विवेदी, शिखा, साधना गौतम, अजय वर्मा, अंजलि तिवारी, रितेश सिंह, अंकिता शुक्ला, प्रीति पटेल, स्वप्निका सिंह, राजरमन प्रजापति, नेहा त्रिपाठी, ज्योति यादव, अनुराधा व सागर सिंह सहित अन्य छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं। संगोष्ठी में शोध छात्र-छात्राओं की ओर से विचार प्रस्तुत किए गए। सभी ने बढ़ती जनसंख्या के प्रति लोगों को जागरूक किए जाने पर जोर दिया।