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रीवा के इंजीनियरिंग कालेज को एनबीए ग्रेडिंग, विस्तार की राह खुली

- अब राष्ट्रीय स्तर की डिग्री देगा कालेज, पीजी कोर्स भी हो सकेंगे प्रारंभ

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रीवा

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Mrigendra Singh

Oct 02, 2021

rewa

Nba grading engineering college rewa


रीवा। शासकीय इंजीनियरिंग कालेज रीवा को लंबे अंतराल के बाद नेशनल बोर्ड ऑफ एक्रेडिटेशन(एनबीए) ग्रेडिंग में शामिल किया गया है। करीब ५७ वर्षों से संचालित इस कालेज के लिए यह पहला अवसर है जब एनबीए की ग्रेडिंग में शामिल होने का अवसर मिला है। इसके पहले भी प्रयास किए जाते रहे हैं लेकिन संसाधनों की कमी के कारण रुकावटें आती रही हैं। रीवा इंजीनियरिंग कालेज से डिग्री हासिल करने वाले छात्रों की डिग्री में एनबीए से ग्रेडिंग प्राप्त उल्लेख होगा। जिससे यह माना जाएगा कि उक्त संस्थान राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा प्रदान करने वालों में शामिल है। एनबीए ग्रेडिंग प्राप्त होने के बाद कालेज को कई तरह से फायदे होंगे। संस्था के विस्तार के लिए केन्द्र सरकार द्वारा दिए जाने वाले अनुदान के लिए अब रीवा का इंजीनियरिंग कालेज भी हकदार हो गया है। कालेज में पीजी डिग्री के कोर्स भी शुरू किए जा सकेंगे और शोध के कार्य भी होंगे। आइआइटी, एनआइटी जैसे संस्थानों में अब इसकी भी गिनती होगी। पहली बार ग्रेडिंग मिलने पर कालेज प्राचार्य डॉ. बीके अग्रवाल ने प्रोफेसर डा आरपी तिवारी, डॉ एसडी शर्मा, डा अभय अग्रवाल, प्रो एबी सरकार , डा आरके जैन, डॉ. डीके जैन , डॉ. संदीप पांडेय, डा उत्तम द्विवेदी, डा पंकज श्रीवास्तव, प्रो एके बुचके, डा एके दोहरे, प्रो अर्चना ताम्रकर सहित पूरे कालेज की टीम एवं पुरा छात्रों द्वारा किए गए सहयोग पर धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इस संस्थान को नई ऊंचाइयां दी जाएंगी।
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अगस्त में हुआ था निरीक्षण
एनबीए की टीम ने बीते अगस्त महीने में २७ से २९ तारीख तक रीवा इंजीनियरिंग कालेज के संसाधनों का सत्यापन किया था। जिसमें यहां के स्टाफ की संख्या, क्लासरूम, छात्रों को दी जाने वाली सुविधाएं, छात्रावास, लाइबे्ररी, स्पोर्ट्स सहित अन्य व्यवस्थाओं को देखा था। इतना ही नहीं कालेज के पुरा छात्रों से भी संपर्क कर पूछा गया कि पहले किस तरह की व्यवस्थाएं थी। यह इसलिए पूछा गया कि कहीं निरीक्षण के दौरान यह अस्थाई व्यवस्था तो नहीं है। यहां की व्यवस्थाओं से टीम संतुष्ट रही और अपनी अनुशंसा प्रदान कर दी।
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कोरोना के चलते दो बार टला निरीक्षण
एनबीए ग्रेडिंग के लिए इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन ने तीन वर्ष पहले ही आवेदन कर दिया था। जिसके चलते निरीक्षण की तिथि निर्धारित कर दी गई थी। लगातार दो बार जैसे ही तिथि निर्धारित हुई उसी समय कोरोना का संक्रमण फैलने लगा। जिसके कारण कालेज बंद कर दिया गया, आवाजाही भी ठप रही। इस बार जैसे ही अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई कालेज प्राचार्य ने विशेष अनुरोध किया कि टीम भेजकर उनके संसाधनों का सत्यापन कराया जाए, ताकि आगे की प्रक्रिया बढ़ाई जा सके। इसी के बाद टीम आई और निरीक्षण की प्रक्रिया को पूरा किया।
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तीन ब्रांचों का हुआ प्रमाणीकरण
इंजीनियरिंग कालेज प्रबंधन ने चारों ब्रांचों में एनबीए ग्रेडिंग के लिए आवेदन किया था। जिसमें तीन ब्रांचों का प्रमाणीकरण हो गया है। सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग एवं इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शामिल हैं। इलेक्ट्रानिक्स की ब्रांच को शैक्षणिक स्टाफ की कमी के चलते रोका गया है। एनबीए की अनुमति आगामी 2023 तक के सत्र के लिए मान्य होगी। अपनी रैंक बनाए रखने के लिए कालेज प्रबंधन को 30 जून 2023 के बाद फिर से संसाधनों का सत्यापन कराना होगा।
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वल्र्ड बैंक प्रोजेक्ट के सहायक प्राध्यापक कार्यमुक्त
इंजीनियरिंग कालेज को यह उपलब्धि हासिल करने में वल्र्ड बैंक के टेक्यूप थ्री प्रोजेक्ट की अहम भूमिका रही है। इसके तहत कालेज को 35 सहायक प्राध्यापक मिले थे। इनकी नियुक्ति तीन वर्षों के लिए हुई थी, लेकिन कार्यकाल बढ़ाया जाता रहा है। इस बार 30 सितंबर 2021 तक ही कार्यकाल था, जिसे सरकार ने नहीं बढ़ाया। इसलिए अब सभी प्राध्यापकों को कार्यमुक्त कर दिया गया है। इनकी वजह से ही शैक्षणिक स्टाफ की कमी को पूरा किया गया था। केन्द्र सरकार द्वारा नियुक्त किए गए इन प्राध्यापकों को वेतन देने के लिए राज्य सरकार ने फंड नहीं दिया जिसके चलते इनका कार्यकाल समाप्त करना पड़ा है।
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तकनीकी शिक्षा संस्थान की गुणवत्ता का मूल्यांकन करने के बाद एनबीए ग्रेडिंग मिलती है। रीवा इंजीनियरिंग कालेज को पहली बार अवसर मिला है। तीन ब्रांचों को अनुमति मिली है। इसमें पूरे स्टाफ ने काफी मेहनत की थी। अब पीजी एवं अन्य कोर्स प्रारंभ किए जा सकेंगे, साथ ही अन्य विकास भी होगा।
डॉ. बीके अग्रवाल, प्राचार्य इंजीनियरिंग कालेज रीवा