
रीवा। प्रदेश सरकार ने इसी सत्र से नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने का ऐलान किया है। अभी आनलाइन प्रवेश प्रक्रिया चल रही है, छात्रों को सीटों का आवंटन करने के साथ प्रवेश दिया जा रहा है। अभी छात्रों ने आनलाइन रजिस्ट्रेशन के साथ पुराने संकाय और विषयों को चुना है। इन्हें प्रवेश मिलने के बाद रि-अलाटमेंट का विकल्प दिया जाएगा, जिसके तहत नई शिक्षा नीति के अनुसार स्नातक प्रथम वर्ष में प्रवेश लेने वाले छात्र चयन करेंगे। नई नीति में एक साथ कई संकायों के विषयों को छात्र पढ़ सकेेंगे। इसमें उन्हें मुख्य विषय के रूप में मेजर गु्रप का चुनाव करना होगा। जिसमें प्रमुख विषय निर्धारित हैं। इसके साथ माइनर सब्जेक्ट का चयन, एक वैकल्पिक विषय तथा एक प्रोजेक्ट-इंटर्नशिप का चयन करना होगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम 160 क्रेडिट का होगा। हर वर्ष के लिए 40 क्रेडिट तय किए गए हैं। कोई विद्यार्थी किसी कारण से पहले वर्ष में तय क्रेडिट प्राप्त नहीं करता है तो उसे आगे जाने से नहीं रोका जाएगा। उसके पास कुल क्रेडिट में से 50 प्रतिशत से अधिक का क्रेडिट बैकलॉग न हो। ऐसा होने पर उसे अगले वर्ष में बैकलॉग खत्म करने पर ही प्रमोशन दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति के बारे में अभी कालेजों के प्रबंधन को भी अधिक जानकारी नहीं है। इसलिए जो छात्र पूर्व में जारी गाइडलाइन के अनुसार प्रवेश ले रहे हैं, उन्हें प्रवेश देने के बाद विषय चयन का विकल्प अलग से दिया जाएगा।
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प्राध्यापकों का आनलाइन प्रशिक्षण 23 को
जल्दबाजी में लागू की जा रही नई शिक्षा नीति के बारे में कालेजों के प्राध्यापकों को जानकारी देने के लिए 23 अगस्त को आनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किया गया है। हर संभाग के लिए अगल-अलग तिथियां निर्धारित की गई हैं। रीवा और सिंगरौली जिलों के प्राध्यापकों को दोपहर 11 से 12 बजे तक और सतना एवं सीधी जिले के प्राध्यापकों को दोपहर साढ़े 12 बजे से डेढ़ बजे तक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके बाद नई व्यवस्था को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।
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मल्टीपल एंट्री और एग्जिट सिस्टम
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स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को सीट आवंटन
आनलाइन एडमिशन की चल रही प्रक्रिया के तहत स्नातक प्रथम वर्ष के छात्रों को सीट आवंटन किया गया। जिन छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया था उन्हें मैसेज के जरिए सूचित किया गया है। जीडीसी में बीए में 96.6 प्रतिशत से 60 प्रतिशत के बीच की छात्राओं का प्रवेश हुआ है। आरक्षित वर्ग के लिए प्राप्तांकों की संख्या कम है। कामर्स में 95 से 66 प्रतिशत, बीएससी में 94 से 79.8 प्रतिशत, बीएचएससी में 66 से 46 तक, टीआरएस कालेज में बीए में 94 से 73 प्रतिशत, बीएससी में 95 से 66 प्रतिशत तक, बीकाम में 95 से 64 प्रतिशत तक, माडल साइंस कालेज में बीएससी में 91 से 77 प्रतिशत तक, बीसीए में 93 से 78 प्रतिशत तक के छात्रों को सीटों का आवंटन हुआ है।
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नई शिक्षा नीति को लेकर अभी स्पष्ट गाइडलाइन नहीं आई है। इसलिए छात्रों को इ-प्रवेश के बाद रि-अलाटमेंट का विकल्प दिया जाएगा। जिसमें वह मेजर सब्जेक्ट के साथ माइनर, वैकल्पिक तथा इंटर्नशिप का विषय चुनेंगे।
डॉ. पंकज श्रीवास्तव, अतिरिक्त संचालक उ"ा शिक्षा
Published on:
21 Aug 2021 12:03 pm
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