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Rewa : सोलर पावर प्लांट की नई इकाई स्थापित करने फिर प्रस्ताव तैयार, 250 मेगावॉट का होगा प्लांट

- मऊगंज क्षेत्र में 458 हेक्टेयर भूमि की डिमांड नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने की

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रीवा

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Mrigendra Singh

Oct 27, 2022

rewa

new solar power plant rewa, mauganj



रीवा। जिले के बदवार पहाड़ में 750 मेगावॉट का अल्ट्रा मेगा सोलर पॉवर प्लांट सफलता पूर्वक स्थापित करने के बाद बीते कई वर्षों से जिले में नए स्थान की तलाश की जा रही है। कई स्थानों पर तकनीकी पेंच की वजह से प्लांट स्थापित करने में रुकावट आई है। अब एक बार फिर मऊगंज क्षेत्र में नए प्लांट लगाने के लिए तकनीकी बाधाएं दूर कर ली गई हैं। नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा विभाग ने एक बार फिर से प्रस्ताव तैयार किया है। जिसमें प्रशासन से 558 हेक्टेयर भूमि की मांग की गई है। यदि यह भूमि उपलब्ध हो जाती है तो रीवा जिले में 250 मेगावॉट क्षमता का एक और सोलर पॉवर प्लांट प्रारंभ हो जाएगा। इस दिशा में कार्य तेजी से चल रहा है। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने जिला प्रशासन से कहा है कि जल्द ही भूमि की व्यवस्था कर प्रस्ताव तैयार कराएं, इसका कार्य जल्द पूरा कराने के लिए वह मुख्यमंत्री से भी चर्चा करेंगे। आने वाले समय में रीवा जिले को ऊर्जा उत्पादन का हब बनाने की तैयारी है। अभी यहां पर हाइडल पॉवर प्लांट की सिरमौर में 315 मेगावॉट की इकाई स्थापित है। वहीं कई जगह छोटे प्लांट लगाने की योजना चल रही है। सोलर पॉवर प्लांट का गुढ़ तहसील के बदवार पहाड़ में 750 मेगावॉट का प्लांट है। अब जिले में कचरे से भी बिजली उत्पादन की तैयारी है, इसके लिए रायपुर कर्चुलियान के पास पहडिय़ा में छह मेगावॉट का पॉवर प्लांट लगाया जा रहा है। सरकार ने भी कहा है कि यहां पर सोलर पॉवर प्लांट सफलता पूर्वक स्थापित है, इस कारण दूसरे स्थानों पर भी नए प्लांट लगाए जाएं। इसी कारण जिले के दूसरे कई स्थानों पर पहले प्रयास किए जा चुके हैं।


- पहले राजस्व की भूमि पर ही लगेगा प्लांट
मऊगंज अनुभाग में नए सिरे से सोलर पॉवर प्लांट लगाने के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। इसके लिए 558 हेक्टेयर भूमि की जरूरत बताई गई है। इसमें पूरी भूमि राजस्व विभाग की है। तकनीकी रूप से कोई अड़चन नहीं आए इस कारण अभी राजस्व की भूमि को ही चुना गया है। इसके बाद योजना का विस्तार होगा। कुछ समय पहले ही सीतापुर-मऊगंज क्षेत्र में करीब एक हजार हेक्टेयर भूमि चिन्हित कर नए सोलर पॉवर प्लांट की स्थापना के लिए प्रस्ताव तैयार किया गया था। इस क्षेत्र में वनभूमि का भी बड़ा हिस्सा फंस रहा था, इस कारण वन विभाग से एनओसी मांगी गई थी लेकिन विभाग ने वनभूमि देने से इंकार कर दिया था। अब वन भूमि के हिस्से को पहले चरण में अलग रखा गया है। यहां पर प्लांट स्थापित किया जाएगा। बाद में जब उसका विस्तार होगा तो वन विभाग से फिर भूमि मांगी जाएगी।
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जिले में कई जगह हो चुकी है तलाश
नए सोलर पॉवर प्लांट के लिए रीवा जिले में कई स्थानों पर पहले भी भूमि की तलाश की जा चुकी है। जिसमें डभौरा, हनुमना, देवतालाब, गोविंदगढ़, सेमरिया, सिरमौर आदि कई क्षेत्र शामिल हैं। विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम की प्राथमिकता थी कि उनके क्षेत्र देवतालाब और नईगढ़ी क्षेत्र में भूमि तलाश की जाए और प्लांट स्थापित हो। इसके लिए प्रशासन के साथ कई बार उनकी बैठकें भी हुईं। जब दूसरी जगह माकूल जगह नहीं मिली तो मऊगंज के सीतापुर क्षेत्र को चुना गया था और वहां पर भूमि तलाशी जा रही है।

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क्योंटी की योजना निरस्त होने के बाद नई जगह की तलाश बढ़ी
इसके पहले सिरमौर तहसील के क्योंटी(लालगांव) के पास 350 मेगावॉट क्षमता के प्लांट लगाने की शुरुआत कर दी गई थी। वह राजस्व और वन विभाग की भूमि थी। इस भूमि का कुल रकबा 728.361 हेक्टेयर था। जिसमें 17.603 हेक्टेयर वन भूमि का हिस्सा भी शामिल था। प्लांट के लिए 23.067 हेक्टेयर निजी भूमि का भी अधिग्रहण करना था। वन विभाग ने एनओसी नहीं दी तो भूमि अधिग्रहण भी रोक दिया गया था। इस प्रस्तावित प्लांट के एक हिस्से में 346.873 हेक्टेयर और दूसरे हिस्से में 358.421 हेक्टेयर भूमि में इकाइयां स्थापित करने की तैयारी थी। यह प्रोजेक्ट निरस्त होने के बाद जिले में दूसरी जगह तलाशी जा रही है। पर्याप्त भूमि नहीं मिलने के कारण 250 मेगावॉट की इकाई लगाने की तैयारी है।
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सोलर पॉवर प्लांट के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। पूर्व में कुछ तकनीकी अड़चनें थी लेकिन अब राजस्व भूमि का हिस्सा आवंटित किया जाएगा। भविष्य में यदि प्लांट का विस्तार होगा तो उसके लिए अलग से प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
एपी द्विवेदी, एसडीएम मऊगंज
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जिले में नया सोलर पॉवर प्लांट लगाना है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया गया है। मऊगंज क्षेत्र में भूमि है, जिसकी मांग की गई है। आवंटन होते ही आगे की प्रक्रिया के लिए शासन को भेजा जाएगा।
यूएस अरोरा, कार्यपालन यंत्री, नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा
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