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बड़ी खबर: स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में अवधि की बाध्यता खत्म

उच्च शिक्षा विभाग ने विश्वविद्यालय को जारी किया आदेश...

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रीवा

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Ajit Shukla

Apr 23, 2018

order to APSU of Higher Education, Time Limit in Course restricted

order to APSU of Higher Education, Time Limit in Course restricted

रीवा। स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को उत्तीर्ण करने के लिए निर्धारित अवधि की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग की ओर से इस आशय का निर्देश जारी कर दिया गया है। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कुलसचिव सहित समस्त महाविद्यालय के प्राचार्यों को इस आशय की जानकारी भेजी गई है।

एक वर्ष का एक्सटेंसन दिया जाएगा

उच्च शिक्षा विभाग ने समय सीमा का बाध्यता को खत्म करते हुए कहा है कि पूर्व में निर्धारित अवधि के भीतर छात्र-छात्रा पाठ्यक्रम को पूरा नहीं कर पाते हैं तो उन्हें एक वर्ष का एक्सटेंसन दिया जाएगा। एक वर्ष का एक्सटेंशन मिलने के बाद भी छात्र पाठ्यक्रम पूरा नहीं कर पाते तो उन्हें स्वाध्यायी के रूप में पाठ्यक्रम पूरा करने का मौका दिया जाएगा।

प्रश्नपत्रों में मिले अंकों का लाभ

विभाग की ओर से जारी निर्देशों के मुताबिक ऐसे छात्रों को पूर्व में उत्तीर्ण किए गए प्रश्नपत्रों में मिले अंकों का लाभ भी दिया जाएगा। अंकों का लाभ किस रूप में दिया जाएगा, इसकी विवरण जल्द ही विश्वविद्यालय को उपलब्ध करा दिया जाएगा। निर्देशों में यह भी स्पष्ट किया गया है कि स्वशासी महाविद्यालयों के छात्र स्वाध्यायी छात्र के रूप में उसी महाविद्यालय में पंजीकृत होंगे। भले ही विश्वविद्यालय की ओर से उक्त महाविद्यालय परीक्षा केंद्र के रूप में घोषित नहीं किया गया है।

पांच वर्ष की निर्धारित रही अवधि
उच्च शिक्षा विभाग की ओर से यह निर्देश विश्वविद्यालय समन्वय समिति की ९३ वीं बैठक में लिए निर्णय के मद्देनजर जारी किया गया है। गौरतलब है कि पूर्व में स्नातक पाठ्यक्रम के लिए पांच वर्ष ओर स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम के लिए तीन वर्ष की अवधि निर्धारित रही है। छात्रों को इस अवधि में पढ़ाई पूरा करना होता था।

वर्तमान सत्र में ही छात्रों को होगा लाभ
विभाग के इस निर्णय से वर्तमान सत्र में ही छात्रों को लाभ होगा। एपीएस विश्वविद्यालय सहित संबद्ध महाविद्यालयों के भारी संख्या में छात्र-छात्राओं को लाभ मिल सकेगा। दूसरे विश्वविद्यालयों के अलावा यहां के छात्रों ने भी पाठ्यक्रम पूरा करने के लिए निर्धारित समय की बाध्यता को समाप्त किए जाने की मांग की थी।