28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एमपी के इस विश्वविद्यालय में छात्रों का सपना अधूरा, नहीं कर पा रहे पीएचडी की पढ़ाई, जानिए क्या है वजह

पूरी नहीं हो सकी है प्रक्रिया...

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Ajit Shukla

Sep 04, 2018

Ordinance create problem in admission of Ph.D in APSU of Rewa

Ordinance create problem in admission of Ph.D in APSU of Rewa

रीवा। पहले आधी-अधूरी तैयारी बाधा बनी और अब नए अध्यादेश के नियम आड़े आ रहे हैं। नतीजा छात्राओं को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की पीएचडी प्रवेश परीक्षा के लिए अभी और इंतजार करना पड़ेगा। जी हां, पीएचडी की प्रवेश परीक्षा कराने में विश्वविद्यालय की राह में एक नई मुश्किल खड़ी हो गई है। यह मुश्किल नए अध्यादेश में प्रवेश परीक्षा के बावत जारी दिशा-निर्देश हैं।

अध्यादेश के नए नियम के अनुरूप करना होगा तैयारी
शासन की मंजूरी के बाद कुछ महीने पहले जारी विश्वविद्यालय के नए अध्यादेश के मद्देनजर पीएचडी की प्रवेश परीक्षा नए नियमों के अनुरूप कराना होगा, जबकि विश्वविद्यालय प्रशासन पुराने पैटर्न पर परीक्षा कराने की पूरी तैयारी कर चुका है। अध्यादेश के नए नियमों के अनुरूप विश्वविद्यालय को न केवल परीक्षा के प्रश्नपत्र का प्रारूप बदलना पड़ेगा बल्कि सभी विषयों के लिए अलग से पाठ्यक्रम निर्धारित कर उसे सार्वजनिक करना होगा। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए इस प्रक्रिया को पूरी किए बिना प्रवेश परीक्षा करा पाना मुमकिन नहीं होगा।

नए सिरे से शुरू करनी होगी सारी प्रक्रिया
विश्वविद्यालय अधिकारियों को इस स्थिति में सारी प्रक्रिया नए सिरे से करना होगा। प्रवेश परीक्षा के बावत न केवल सभी २६ विषयों का पाठ्यक्रम निर्धारित करना होगा। बल्कि नए सिरे से नए प्रारूप में प्रश्नपत्र भी तैयार कराना होगा। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए जल्द प्रवेश परीक्षा करा पाना संभव नहीं दिख रहा है। तय है कि छात्रों को अभी कम से कम एक महीने का इंतजार करना होगा।

एमफिल की परीक्षा में उंगली उठने के बाद टूटी नींद
पीएचडी की प्रवेश परीक्षा को लेकर विश्वविद्यालय अधिकारियों की नींद तब टूटी है, जब एमफिल की प्रवेश परीक्षा को लेकर एक साथ विश्वविद्यालय के चार संकायाध्यक्षों ने अंगुली उठाई है। संकायाध्यक्षों की ओर से एक अगस्त का आयोजित को अध्यादेश के विरूद्ध बताते हुए निरस्त या फिर संशोधित करने की बात की गई है। गौरतलब है कि एमफिल के पैटर्न पर ही पीएचडी की प्रवेश परीक्षा होनी है।

Story Loader