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अतिक्रमण पर कार्रवाई के बाद बनी दहशत, जानिए कैसे दुकानें लेकर भाग रहे व्यवसायी

व्यवसाइयों ने निगम के अधिकारियों पर लगाया मनमानी का आरोप, अस्पताल चौराहे में निगम ने अतिक्रमण हटाया था

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रीवा

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Mrigendra Singh

Jan 07, 2018

rewa

Panic created after action on encroachment, know how businessmen running shops

रीवा। शहर के अलग-अलग स्थानों पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई है। हर दिन सुबह पांच बजे से शुरू होने वाली इस कार्रवाई के बाद व्यवसाइयों में दहशत बन गई है। बिना सूचना के ही निगम का अमला अतिक्रमण तोडऩे पहुंच रहा है। जिसके चलते चौराहों और सड़कों पर ठेला-गुमटी लगाने वाले इनदिनों नई व्यवस्था के तलाश में भटकते फिर रहे हैं। अस्पताल चौराहा, पीटीएस चौराहा और सिरमौर चौराहे में अब तक बड़ी कार्रवाई हो चुकी है।

अस्पताल चौराहे में फिर दी व्यवस्था
अस्पताल चौराहे में हाकर्स कार्नर से अतिक्रमण हटाए जाने के बाद नगर निगम ने स्थान का नए सिरे से आवंटन किया गया है। इसके साथ ही हॉकर्स कॉर्नर की नई सीमा रेखा भी तय की गई है। इस आवंटन की प्रक्रिया से कई ठेला-गुमटी व्यवसाइयों ने आपत्ति भी जताई है। सुबह से ही व्यवसाई जुटने लगे थे। इस बीच नगर निगम के कर्मचारी पहुंचे और पूर्व से रजिस्टर्ड व्यवसाइयों के लिए स्थान आवंटन करने के लिए चिन्ह लगाया।

फीस जमा और बता दिया अतिक्रमण
अतिक्रमण हटाने जाने का विरोध कर रहे लोगों ने आरोप लगाया गया कि पांच जनवरी तक की फीस नगर निगम में जमा है, इसके पहले ही बिना किसी सूचना के चार जनवरी से ही अतिक्रमण का हवाला देकर दुकानें तोड़ी जा रही है। कहा गया है कि इस कार्रवाई में लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। निगम के निर्देश पर ठेकेदार ने फर्स और बाउंड्री बनाने का काम भी शुरू कर दिया। ९ फिट लंबा और ६ फिट चौड़ा स्थान सभी को आवंटित किया गया है। बीच में आम लोगों के निकलने के लिए रास्ता छोड़ा गया है।

52 व्यवसाइयों का पंजीयन
वर्ष 2005 में अस्पताल चौराहे में हाकर्स कार्नर का निर्माण कराया गया था। उस दौरान 52 व्यवसाइयों का पंजीयन किया गया था। लगातार वहां पर मनमानी रूप से दुकानें सजने लगी। करीब सैकड़ाभर की संख्या में दुकानें लग रही थी। कई तो सड़क के हिस्से में भी कब्जा जमा लिए थे, इस वजह से हटाकर नए सिरे से आवंटन किया जा रहा है। जिन व्यवसाइयों को स्थान नहीं मिला है वह अब भी विरोध जता रहे हैं।

संसाधन उपलब्ध कराने की मांग
हाकर्स कॉर्नर में दुकान लगाने वाले गुलाम हसन ने कहा कि निगम को व्यवस्था भी बनाना चाहिए। टीन शेड, शौचालय, बिजली, पानी की व्यवस्था बनाई जानी चाहिए। पूर्व से दुकानें लगा रहे लोगों को प्राथमिकता के साथ स्थान आवंटित किया जाए, इसके बाद नए लोगों को अवसर मिले।

नुकसानी पर मंत्री देंगे 20-20 हजार
नगर निगम द्वारा तोड़े गए हाकर्स कॉर्नर में नुकसानी के चलते विरोध कर रहे व्यवसाइयों के बीच उद्योग मंत्री राजेन्द्र शुक्ला के प्रतिनिधि राजेश पाण्डेय पहुंचे। जहां पर उनके सामने भी नुकसान की भरपाई की मांग उठाई गई। जिसके चलते पाण्डेय ने कहा है कि इस कार्रवाई की जानकारी मंत्री को हुई है तो उन्होंने कहा है कि सभी व्यवसाइयों को 20-20 हजार रुपए वह अपनी तरफ से देंगे। साथ ही निगम के अधिकारियों को निर्देशित किया है कि व्यवस्थित करने के लिए सारे संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।


रेडक्रास द्वारा दी गई दुकान भी हटाई
वर्ष 2007 से अस्पताल चौराहे के पास दुकान लगाने वाले विजय कुमार शर्मा ने बताया कि उन्हें रेडक्रास सोसायटी ने दुकान लगाने के लिए स्थान आवंटित किया था। कलेक्टर के निर्देश पर पूर्व में हाकर्स कार्नर में दुकान रखी थी लेकिन बिना किसी सूचना के निगम ने तोड़ दिया। करीब 90 हजार रुपए का सामान नष्ट हो गया है। शर्मा ने बताया कि परिवार के चार लोग नि:शक्त हैं, जिनकी परवरिश का एक माध्यम दुकान थी। वह भी नष्ट हो गई, जिसके चलते पूरा परिवार सदमे में है।