
Passenger drink in 45 degree hot water Know why
रीवा। 45 डिग्री के तापमान में यात्रियों को शहर के दोनों बस स्टैंड में गर्म पानी मिल रहा है। ठंडे पेय जल के लिए कोई पानीदार दोनों स्टैंड के लिए नहीं मिला। परिणाम स्वरूप यात्री गर्म पानी पीने को मजूबर हैं। जबकि इन दोनों बस स्टैंड से प्रतिमाह शहर सरकार को लाखों रुपए की आय हो रही है।
शहर के रेवांचल बस स्टैंड व समान स्थित अंतर्राज्जीय बस स्टैंड में यात्रियों की सुविधा उपलब्ध कराने की जबावदारी शहर सरकार की है। बावजूद नगर निगम इन दोनों बस स्टैंडों में सुविधा विस्तार से मुंह मोड़ रखा है। स्थित यह है कि पीपीपी मॉडल में करोड़ो रुपए की जमीन प्रदान करने वाले स्टैंड तक में यात्रियों को गर्मी में शीतल जल की कोई व्यवस्था नहीं है। वहीं शहर में कई सामाजिक संगठन एवं व्यापारियों द्वारा गर्मी में पेयजल के लिए शीतल जल उपलब्ध करा रहे हैं, लेकिन दोनों बस स्टैंड में यह व्यवस्था नहीं बन पाई और न ही इसके लिए कोई पानीदार आगे आया है। इसी तरह पुराने स्टैंड में तो हालात और भी बुरे हैं, यहां हैंडपंप के सहारे यात्री खारे पानी से प्यास बुझा रहे हैं।
10 हजार से अधिक यात्री पहुंचते हैं
शहर के इन दोनों बस स्टैंड में रोजना 10 हजार से अधिक यात्री सफर के लिए बस स्टैंड पहुंचते हैं। बावजूद इन यात्रियों के लिए ठंडे पानी के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
तप रहे हैं यात्री प्रतीक्षालय-
बस स्टैंड के दोनों प्रतीक्षालय में यात्री गर्मी से तप रहे हैं। इन प्रतीक्षालयों में गर्मी से यात्रियों को राहत दिलाने के कोई इंतजाम नहीं है। परिणाम स्वरूप तेज धूप से बचने के लिए यात्री पूरे दिन इधर-उयर भटकते हैं।
पीपीपी मॉडल भी फ्लाप
शहर में यात्रियों को बेहतर सुविधा के देने शहर में पीपीपी मॉडल में समान स्थित नए बस स्टैड को दिया गया। इसमें सुरक्षा, प्रकाश एवं यात्रियों को मूलभूत आवश्यकता मुहैया कराना है लेकिन इसके बावजूद कोई भी यात्रियों को सुविधा इस स्टैंड में नहीं मिल रही है। जबकि इसके लिए पीपीपी योजना करोड़ो रुपए की जमीन बिल्डर को दी गई है।
Published on:
30 May 2018 01:57 pm
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