
Patrika Talk Show: Youth Spoke, Will Remove Corruption in Politics
रीवा। राजनीति में गंदगी व्याप्त है। सफाई करना जरूरी है। युवा आगे आएं तो बड़ा बदलाव होगा। ‘पत्रिका’ पत्रिका महाअभियान ‘स्वच्छ करें राजनीति’ में शामिल होकर हम सब बदलाव करने की कोशिश में लगेंगे। इस बदलाव के लिए अधिक से अधिक लोगों को जुडऩा चाहिए। यह विचार ‘पत्रिका’ की ओर से स्वामी विवेकानंद पार्क में आयोजित परिचर्चा में युवाओं ने व्यक्त किए।
लंबे समय से विचार आते रहे
राजनीति की स्वच्छता को लेकर मन में लंबे समय से विचार आते रहे हैं। सामाजिक मुद्दों को उठाता भी रहा हूं। अब जब पत्रिका ने चेंजमेकर अभियान के तहत राजनीति में गंदगी के सफाई का बीड़ा उठाया है तो उसका हिस्सा जरूर बनना चाहूंगा। अधिक से अधिक युवाओं को अभियान से जुडऩा चाहिए।
बीके माला, सामाजिक कार्यकर्ता।
राजनीति पुश्तैनी हो गई
युवाओं को राजनीति में मौका नहीं मिलता है। राजनीति पुश्तैनी हो गई है। पढ़े लिखे युवाओं को मौका मिले तो राजनीति खुद ब खुद स्वच्छ हो जाएगी। चेंजमेकर्स अभियान से हम जैसे युवाओं को राजनीति में आने का प्रोत्साहन मिला है। युवाओं में उत्साह है।
अभिषेक पाण्डेय, छात्र।
योग्यता का निर्धारण होना चाहिए
सरकारी व गैर सरकारी नौकरी की तरह राजनीति में शामिल होने के लिए भी शैक्षणिक योग्यता का निर्धारण होना चाहिए। पढ़ा-लिखा बौद्धिक वर्ग जब राजनीति में आएगा तो गंदगी दूर हो जाएगी। राजनीति में पढ़े लिखे युवाओं के लिए यह बेहतरीन मौका मिलेगा।
करन पटेल, छात्र।
एक प्रतिबंध जरूरी
राजनीति में शामिल होने के लिए ठीक उसी तरह की एक प्रक्रिया होनी चाहिए। जिस तरह की प्रक्रिया चेंकमेंकर्स अभियान में शुरू की गई है। पढ़े-लिखे व स्वच्छ छवि वालों को नेता, मंत्री व विधायक बनने का मौका मिलना चाहिए। एक प्रतिबंध जरूरी है।
प्रियंका, छात्रा।
चेंजमेकर अभियान बेहतरीन
राजनीति में गंदगी है। स्वच्छता जरूरी है। अच्छे लोगों को राजनीति में आना चाहिए। यह सब अक्सर ही सुनने को मिलता है लेकिन कोई खुद आगे नहीं आना चाहता है। विचारों को हकीकत के धरातल पर लाना होगा। चेंजमेकर अभियान बेहतरीन जरिया है।
सुष्मिता पाठक, छात्रा।
सिर्फ सोचने से बदलाव संभव नही
कहने को तो लंबे समय से बदलाव की बात की जा रही है। बदलाव की बात सभी करते हैं लेकिन स्थिति बेहतर होने के बजाय और खराब होती जा रही है। नेता धर्म और जाति के आधार पर ही चुने जा रहे हैं। सिर्फ सोचने से बदलाव संभव नहीं होगा, इसके लिए आगे आना पड़ेगा।
शशांक दुबे, छात्र।
नैतिकता अब केवल किताबी बात
जिम्मेदारी और नैतिकता अब केवल किताबी बात बनकर रह गई है। राजनीति ही नहीं, हर क्षेत्र में गंदगी है। इसकी वजह यह है कि लोगों की भावना ही गलत है। पहले लोग देश सेवा की भावना से राजनीति व प्रशासकीय सेवा में आते थे। अब धन कमाने के लिए आते हैं।
रवि शंकर साकेत, छात्र।
राजनीति में छात्रोंं की पहुंच कम हुई
राजनीति में जब से छात्रोंं की पहुंच कम हुई है। पुश्तैनी वाद शुरू हुआ है। भ्रष्टाचार बढ़ता ही जा रहा है। पूर्व की भांति छात्रसंघ चुनाव की प्रक्रिया को अनवरत जारी रखना होगा। लंबे समय से प्रतिबंधित छात्रसंघ चुनाव शुरू तो हुआ है लेकिन यह जारी रहना चाहिए।
राम सुजान यादव, छात्र।
राजनीति में अच्छे लोग आएंगे
पढ़ाई में अव्वल छात्र इंजीनियर, डॉक्टर, आइएएस व आइपीएस ही बनना चाहता है। राजनीति में क्यों नहीं आना चाहिए। सभी के मन में यही है कि राजनीति में जाना अच्छी बात नहीं है। लोगों के मन की इस भ्रांति को दूर करना होगा। जब राजनीति में अच्छे लोग आएंगे तो स्वच्छता खुद ब खुद आ जाएगी।
अंकित पाण्डेय, छात्र।
Published on:
08 Apr 2018 04:47 pm
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