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रीवा. लोकायुक्त पुलिस की रीवा इकाई ने शहर के रतहरा में पटवारी को दस हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी ने यह रिश्वत सरकारी भूमि पर अतिक्रमण बताते हुए बाउंड्रीवाल निर्माण पर आपत्ति दर्ज कराते हुए प्रॉपर्टी कारोबारी से ली थी।
रतहरा निवासी प्रॉपर्टी कारोबारी अनुराग मिश्रा ने लोकायुक्त एसपी के पास शिकायत दर्ज कराई थी कि रहतरा हल्का पटवारी धीरज पाण्डेय ने उनके एक प्लाट में बाउंड्रीवाल बनाने पर आपत्ति दर्ज कराते हुए रिश्वत की मांग कर रहा है। लोकायुक्त एसपी ने टीम गठित कर कार्रवाई के लिए भेजा। बुधवार दोपहर रतहरा स्थित अपने कार्यालय में पटवारी ने जैसे ही दस हजार रुपए रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम आ गई और धर दबोचा। आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। देर शाम आरोपी पटवारी को मुचलके पर छोड़ दिया गया।
तहसीलदार के नाम पर मांगी थी रिश्वत
आरोपी पटवारी शिकायतकर्ता से पहले डेढ़ लाख रुपए ले चुका था। इसके बाद दबाव बना रहा था कि तहसीलदार ने कहा है कि और रुपए चाहिए। इसी के चलते उसने दोबारा नापजोख भी की थी और पांच हजार लेने के बाद दस हजार लेते पकड़ा गया। लोकायुक्त पुलिस का कहना है कि यदि तहसीलदार की मिलीभगत के कुछ साक्ष्य सामने आएंगे तो उन पर भी कार्रवाई होगी।
एक बार पहले लोकायुक्त टीम देखकर भाग चुका है
रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया पटवारी धीरज पाण्डेय इसके पहले भी रिश्वत की मांग के चलते आरोपों के घेरे में रहा है। 30 दिसंबर 2013 को उसने ऋण पुस्तिका बनाने के नाम पर 2500 रुपए की मांग की थी। इसके आडियो साक्ष्य के साथ शिकायत लोकायुक्त एसपी के पास की गई थी। जब आरोपी के बताए गए स्थान पर शिकायतकर्ता पहुंची तो उसे आभाष हो गया कि लोकायुक्त की टीम आसपास घूम रही है, जिसके चलते वह टीम के पहुंचने के पहले ही भाग गया था।
Updated on:
24 Nov 2022 03:17 am
Published on:
24 Nov 2022 03:17 am
