
रीवा. प्रदेश सरकार ने रीवा सहित सभी प्रमुख शहरों में नगर गौरव दिवस मनाए जाने की कार्ययोजना तैयार करने का निर्देश दिया है। इसमें कोई ऐसी तारीख तय करना है जो शहर का गौरव बढ़ाने वाली हो, साथ ही उस पर किसी तरह का विवाद नहीं हो। नगर निगम ने लोगों से सुझाव लेने के बाद 27 मई की तारीख नगर गौरव दिवस मनाने के लिए तय की है। यह तारीख इसलिए महत्वपूर्ण है कि इसी दिन सफेद बाघ मोहन को पकड़ा गया था।
जब भी मोहन का जिक़ होता है तो 27 मई 1951 से ही शुरुआत होती है कि इस दिन दुर्लभ प्रजाति के सफेद बाघ को पकड़ा गया था। प्रभारी मंत्री के पास यह प्रस्ताव भेजा गया है। वहां से अनुमोदन होने के बाद नगर गौरव दिवस की तारीख का ऐलान कर दिया जाएगा। नगर गौरव दिवस के आयोजन के पीछे इसका उद्देश्य भी शासन ने स्पष्ट किया है। जिसमें कहा गया है कि नगर के प्रति आत्मगौरव के भाव का विकास, शहरी अधोसंरचना और विकास आवश्यकताओं का भाव जागृत करना, शहर के सांस्कृतिक और पारंपरिक गौरव को बताना, सांस्कृतिक विरासत और स्थानीय लोकाचार के प्रति जागरुक करना, नागरिक सुविधाओं और जीवन स्तर को बेहतर बनाना, नागरिकों में सद्भाव व परस्पर सहयोग की भावना जागृत करना, शहरी विकास में नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चि करना आदि बताया गया है। नगर गौरव दिवस पर नगर निगम बड़ा सांस्कृतिक आयोजन करेगा। जिससे शहरवासियों को अपने यहां के गौरव का बोध हो सके।
दुनियाभर में मोहन के वंशज
सफेद बाघों का इतिहास मोहन के पहले से है। पूर्व में शिकार के दौरान सफेद बाघ मारे गए थे। महाराजा मार्तण्ड सिंह जूदेव ने सीधी जिले के कुसमी के पास बरगड़ी के जंगल में 27 मई 1951 को शिकार के दौरान सफेद शावक देखकर उसे मारने के बजाए जिंदा पकड़वाने का निर्णय महाराजा ने लिया था। वहां से पकड़कर गोविंदगढ़ के किले में रखा और यहीं पर दूसरी बाधिनें भी लाई गई और वंशवृद्धि से जो सफेद शावक पैदा हुए उन्हें कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों को सौंपा गया। देश में कई जगह सफेद शावक भेजे गए। कहा जाता है कि जितने भी सफेद बाघ दुनिया में हैं, वह सब मोहन के वंशज ही हैं।
Published on:
04 Feb 2022 10:58 pm
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