
Pushkar dharohar yojna rewa
रीवा। ग्रामीण क्षेत्रों के तालाबों का उन्नयन करते हुए उन्हें गांव के लोगों की आजीविका से जोडऩे की योजना रीवा जिले में गति नहीं पकड़ पाई है। जिले में पूर्व से ही कुछ पुराने तालाबों को व्यवसायिक उपयोग में लिया जाता रहा है। नए सिरे से इन पर काम नहीं हो पाया। सरकार ने तालाबों के महत्व को समझते हुए उनके उन्नयन की योजना बनाई है।
पुष्कर धरोहर समृद्धि अभियान नाम की योजना के जरिए गांवों में ऐसे पुराने तालाबों का पुनरुद्धार किया जाना है जो अनुपयोगी हो चुके हैं। ऐसे तालाबों की संख्या जिले में काफी अधिक है। इनमें मछली पालन और सिंघाडा उत्पादन जैसी आर्थिक गतिविधियां संचालित करने का प्रावधान भी है, जिससे स्थानीय लोगों के आजीविका का बड़ा माध्यम गांव का तालाब बन सके। इस योजना के तहत रीवा जिले में ७०९ तालाब स्वीकृत किए गए हैं। जिनका उन्नयन मनरेगा के सहयोग से किया जाना है।
- तीन तरह से तालाबों के पानी का होना है उपयोग
पुष्कर धरोहर समृद्धि योजना के तहत पुराने तालाबों को नए सिरे से विकसित कर उनके पानी का तीन तरह से उपयोग करना है। पहली श्रेणी में तालाबों के पानी को गांव के लोगों के सार्वजनिक निस्तार एवं मवेशियों के उपयोग के साथ ही सिंचाई के काम लिया जाना है। दूसरे में मछली पालन और तीसरे में सिंघाड़ा उत्पादन करना है। रीवा जिले में किए गए कार्यों के आंकड़ों पर नजर डालें तो योजना के तहत जिले में 709 तालाब चिन्हित किए गए हैं। जिसमें 229 में मछली पालन और 37 में सिंघाड़ा उत्पादन किया जा रहा है। जिले में सिंचाई के काम में 443 तालाबों का उपयोग किया जा रहा है।
- अमृत ने पुष्कर की रफ्तार को धीमा किया
पुष्कर धरोहर समृद्धि योजना के तहत तालाबों के उन्नयन की कार्ययोजना जिला पंचायत द्वारा बीते साल ही बनाई गई थी। उस पर कार्य भी शुरू कर दिया गया था। इस दौरान प्रधानमंत्री ने आजादी के 75 वर्ष पूरे होने पर हर जिले में 75 से अधिक तालाबों का नया निर्माण कराने का निर्देश दिया।
इस योजना का नाम अमृत सरोवर रखा गया। रीवा जिले में अमृत सरोवर योजना के तहत 115 तालाबों का निर्माण शुरू कराया गया। अधिकांश का कार्य पूरा हो चुका है। बरसात प्रारंभ होने की वजह से कुछ तालाबों का आंशिक रूप से ही कार्य हो पाया था उन्हें इस साल पूरा कराया जाना है। प्रधानमंत्री का निर्देश था, इसलिए भोपाल से भी अधिकारी नियमित इसकी समीक्षा कर रहे थे। जिसके चलते जिला प्रशासन ने भी पूरा फोकस अमृत सरोवर पर ही रखा।
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40 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान
जिला पंचायत ने तालाबों के उन्नयन के लिए जो योजना बनाई थी उसमें 40 करोड़ रुपए खर्च का अनुमान है। योजना के तहत गंगेव जनपद में 3.15 करोड़, जवा में 6.72 करोड़, त्योंथर में 5.74 करोड़, सिरमौर में 2.68 करोड़, नईगढ़ी में 3.87 करोड़, मऊगंज में 5.61 करोड़, रायपुर कर्चुलियान में 5.23 करोड़ रुपए, हनुमना में 5.34 करोड़, रीवा में 1.64 करोड़ रुपए खर्च करना है। इसमें अधिकांश जगह रुपए खर्च भी हो चुके हैं।
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योजना के तहत काम की ऐसी है स्थिति
जनपद-- स्वीकृत कार्य-- मछली पालन---सिंघाड़ा उत्पादन-- सिंचाई
गंगेव----73----66--00----07
जवा----86-----27---03---56
त्योंथर---81------58---00---23
नईगढ़ी---87------11----00---76
मऊगंज---93-----22----27---47
रायपुर कर्चुलियान--105--07--05--93
सिरमौर----59--08----05---46
हनुमना----84----30----00---54
रीवा-------41-----00----00---41
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कुल-------709----229---37---443
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पुष्कर धरोहर समृद्धि योजना के तहत पुराने तालाबों का उन्नयन करने का कार्य चल रहा है। अधिकांश जगह कार्य पूरे भी हो रहे हैं। अमृत सरोवर नए तालाब निर्माण की योजना है। जिले में दोनों योजनाओं के तहत तालाबों को बेहतर बनाने का कार्य चल रहा है।
स्वप्निल वानखेड़े, सीईओ जिला पंचायत रीवा
Published on:
08 Dec 2022 02:22 pm
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