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संविलियन को लेकर सरकार से अपील अनसुनी, प्रक्रिया में शामिल होने पीछे हट रहे अध्यापक

केवल 10 फीसदी ने सत्यापन के लिए जमा किया दस्तावेज...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 28 Aug 2018, 12:57 PM IST

Rewa Adhyapak not interest in samvilian in education department

Rewa Adhyapak not interest in samvilian in education department

रीवा। शिक्षा विभाग में संविलियन की प्रक्रिया में वरिष्ठता बरकरार रहे। इस मांग पर शासन की ओर से कोई सकारात्मक रुख नहीं दिखाए जाने से अध्यापकों के कदम प्रक्रिया में शामिल होने से ठिठक गए हैं। दस्तावेजों को ऑनलाइन अपलोड करने के बाद हार्डकॉपी संकुल में जमा करने की तिथि में भी नहीं के बराबर अध्यापक प्रक्रिया में शामिल हुए हैं।

ऑनलाइन अपलोड करना है दस्तावेज
शिक्षा विभाग की ओर से अध्यापकों को एजूकेशन पोर्टल पर सर्विक बुक अपडेट कर व बाकी के सभी दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने का निर्देश जारी है। दस्तावेज ऑनलाइन करने के बाद 27 अगस्त तक स्वप्रमाणित हॉर्ड कॉपी संकुल में जमा करना था। लेकिन पूर्व में घोषित इस तिथि तक 10 फीसदी अध्यापकों ने भी प्रक्रिया पूरी नहीं की है।

संकुल में जमा करना है दस्तावेज की हार्ड कॉपी
अध्यापक वरिष्ठता समाप्त किए जाने और वचन पत्र भराए जाने से भयभीत हैं। अभी तक प्रक्रिया में शामिल नहीं होने के पीछे यही वजह मानी जा रही है। फिलहाल अध्यापकों के लिए राहत भरी खबर यह है कि दस्तावेज ऑनलाइन करने और संकुल में हार्डकॉपी जमा करने की तिथि बढ़ा दी गई है। अध्यापक अब 30 अगस्त तक प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

संकुल प्राचार्यों से मांग रहे सेवा शर्त
संविलियन के बावत वचन पत्र भरने से पहले अध्यापक सेवा शर्त जानने की कोशिश में हैं। इसके लिए उनकी ओर से संकुल प्राचार्यों को आवेदन भी दिया है। अध्यापकों का कहना है कि बिना पूरी सेवा शर्त जाने वह इस आशय का वचन पत्र कैसे भर सकते हैं, जिसमें यह कहा गया है कि उन्हें शिक्षा विभाग में संविलियन से संबंधित निर्धारित शर्तें मान्य हैं।

फिर बना रहे आंदोलन की रणनीति
अध्यापक संविलियन की प्रक्रिया में वरिष्ठता कायम रखने और बिना सेवा शर्त सार्वजनिक किए वचन पत्र भराने की अनिवार्यता को समाप्त किए जाने की मांग कर रहे हैं। इसको लेकर आजाद आध्यापक संघ व अध्यापक संघर्ष समिति सहित अन्य दूसरे संगठन आंदोलन करने की रणनीति बना रहे हैं। अध्यापकों का कहना है कि शासन स्तर के अधिकारी जानबूझ कर इस तरह की स्थिति उत्पन्न कर रहे हैं। ताकि प्रक्रिया को चुनाव तक टाला जा सके।