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एमपी के इस जिले में शासन की योजना का बुरा हाल, स्कूलों की आपत्तियां बनी राह में रोड़ा

एक परिसर एक शाला योजना...
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रीवा

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Ajit Shukla

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Updated: 27 Aug 2018, 12:15 PM IST

Teachers objection in one campus one school plan in Rewa

Teachers objection in one campus one school plan in Rewa

रीवा। शासकीय स्कूलों का संचालन सुव्यवस्थित तरीके से संभव हो सके। शैक्षणिक स्टॉफ की कमी भी पूरी हो सके। इस तरह की अन्य कई सुविधाओं के मद्देनजर स्कूल शिक्षा विभाग ने भले ही एक परिसर एक शाला की व्यवस्था लागू करने की योजना बनाई हो लेकिन स्कूलों की ओर से आ रही आपत्तियों के मद्देनजर योजना अभी से अधर में लटकती नजर आ रही है।

अभी से शुरू हो गया आपत्तियों का दौर
शासन स्तर से योजना के मद्देनजर कवायद शुरू होने के बाद यहां शिक्षा अधिकारियों ने एक ही परिसर में स्थित स्कूलों के संविलियन की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्रक्रिया के तहत जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की ओर से सूची जारी की गई है। हैरत की बात यह है कि सूची जारी होने के साथ ही आपत्तियों को दौर भी शुरू हो गया है। महज एक दो दिनों में एक बाद एक करके एक दर्जन से अधिक आपत्तियां आ गई है।

शासन स्तर तक भी पहुंची आपत्तियां
वैसे तो शिक्षा अधिकारी आपत्तियों को बेवजह बता रहे हैं लेकिन यह भी सच है कि अधिकारी आपत्तियों को लेकर परेशान भी हैं। शिक्षा अधिकारियों के परेशान की वजह यह है कि कई आपत्तियां शासन स्तर तक भेजी गई हैं। फिलहाल अधिकारी शासन स्तर से जारी निर्देशों के अनुरूप स्कूलों के संविलियन की कवायद में जुट गए हैं।

आधे से अधिक हाइस्कूल में संविलियन
शिक्षा अधिकारियों की ओर से स्कूलों के संविलियन के बावत तैयार लिस्ट के मुताबिक करीब 99 हाइस्कूल में माध्यमिक व प्राथमिक शाला का और करीब 75 हायर सेकंडरी में हाइस्कूल, माध्यमिक व प्राथमिक शाला का संविलियन होगा। हालांकि यह सूची अंतिम रूप से तैयार नहीं मानी जा रही है। अभी सूची में आपत्ति व संशोधन के बाद वरिष्ठ अधिकारियों का अनुमोदन लिया जाना बाकी है।

इन बिन्दुओं पर आई हैं आपत्तियां
- कई स्कूल एक ही परिसर में होने के बावजूद योजना से मुक्त रखे गए हैं।
- स्कूलों का संविलियन छात्रसंख्या पर नहीं बल्कि स्थापना के आधार पर है।
- संविलियन वाले स्कूलों में प्राचार्यों की वरिष्ठता को लेकर असमंजस।
- स्कूल को आवश्यकतानुसार दूसरे स्थान पर स्थानांतरण करने की मांग।
- संविलियन की स्थिति में स्कूल में अन्य दूसरे अव्यवस्थाओं का हवाला।