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रीवा. सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास भुगत रहे 20 कैदी शेष सजा परिवार के साथ काटेंगे। जेल मुख्यालय के निर्देश पर सतना ओपन जेल में रखने के लिए इन कैदियों को चिह्नित किया गया है। जेल अधीक्षक ने कैदियों की सहमति पर जेल मुख्यालय को प्रस्ताव भेज दिया है। 27 जनवरी को भोपाल में होने वाली बैठक में इन कैदियों के आवेदन पर चर्चा होगी।
20 कैदियों ने दी सहमति
प्रदेश में होशंगाबाद के बाद दूसरी ओपन जेल फरवरी में सतना में खुल जाएगी। जेल मुख्यालय ने सेंट्रल जेल से ओपन जेल में जाने वाले कैदियों के नाम मांगे थे। इनमें 20 कैदियों ने ओपन जेल में जाने की सहमति दी है। कैदियों को उनकी सजा की वरीयता के आधार पर ओपन जेल में स्थान मिलेगा। मालूम हो, प्रदेश सरकार ने जेल के अंदर अच्छे आचरण वाले कैदियों को परिवार के बीच में रखने के लिए ओपन जेल की व्यवस्था बनाई है। इसमें कैदी अपने परिवार के साथ बैरक में रहता है और सुबह शहर में काम कर परिवार का पालन पोषण कर सकता है।
13 कैदी गणतंत्र दिवस पर होंगे रिहा
सरकार ने जेल अधीक्षक के प्रस्ताव पर 13 कैदियों की शेष सजा माफ कर दी है। इन कैदियों को 26 जनवरी गणंतत्र दिवस पर ध्वजारोहण के बाद रिहा कर दिया जाएगा। आजीवन कारावास इन कैदियों में रामजी कोल, छोटेलाल कोल, छोहरी कोल, उमाकांत नट, उदयकरण सिंह, हीरालाल बैगा, दीनू उर्फ धनीराम बैगा, अशोक कुमार, अवधेश सिंह, मुनीराज कुर्मी, रामनिहोर जोगी एवं वंश कुमार जोशी शामिल हैं। जेल अधीक्षक संतोष सोलंकी ने कहा कि ओपन जेल में रखने के लिए 20 पात्र कैदियों के नाम का चयन कर मुख्यालय प्रस्ताव भेजा गया है।
सुरक्षा में होगी एक कैदी की रिहाई
जेल से रिहा होने वाले एक कैदी ने जेल से छूटने के बाद जान का खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार लगाई है। कैदी के आवेदन पर जेल प्रबंधन ने उसके गृह थाने व संबंधित जिले के एसपी को अवगत कराया है। कैदी की रिहाई के बाद घर तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी थाने की होगी।
Published on:
25 Jan 2018 06:56 pm
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