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इंजीनियरिंग की पढ़ाई को दूसरे शहर में पलायन कर गए मेधावी, जानिए एमपी के इस जिले में कॉलेजों का क्या है हाल

300 सीट, प्रवेश हुए केवल 100 ...

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रीवा

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Ajit Shukla

Jul 22, 2018

Rewa Engineering College, student not interest in CM scheme for Btech

Rewa Engineering College, student not interest in CM scheme for Btech

रीवा। सरकार की ओर से शुरू मुख्यमंत्री मेधावी योजना के तहत विंध्य के इकलौते शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में एक भी छात्र ने प्रवेश नहीं लिया है। ज्यादातर मेधावी छात्रों ने दूसरे शहरों के कॉलेजों की ओर रुख किया है। प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक की स्थिति कुछ ऐसी है।

दूसरे शहरों के कॉलेज प्राथमिकता में शामिल
प्रवेश प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की माने तो मेधावी योजना के तहत पात्र छात्रों की वरियता में दूसरे शहरों के कॉलेज हैं। योजना का उन्हें वहां भी लाभ मिलेगा, इसलिए छात्र भोपाल व इंदौर जैसे शहरों के कॉलेजों में प्रवेश ले रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक योजना में वह छात्र शामिल होते हैं। हायर सेकंडरी में जिनका अंक 75 फीसदी या इससे अधिक है। इसके अलावा जेइइ मेंस में रैंक 1.5 लाख से कम हो।

अच्छे रैंक वाले जा रहे बाहर
खुद कॉलेज के अधिकारी इस बात को स्वीकार कर रहे हैं कि जेइइ 1.4 लाख रैंक के भीतर वाले सारे छात्रों को बड़े शहरों के कॉलेजों में आसानी से प्रवेश मिल जाता है। यहां जिले के शासकीय व निजी इंजीयरिंग कॉलेजों में प्रवेश लेने वाले ज्यादातर छात्रों की रैंक १.५ लाख से काफी अधिक होती है। १.५ लाख रैंक वाले कुछ छात्रों ने प्रवेश लिया तो है लेकिन वह योजना में शामिल नहीं हैं।

प्रवेश की संख्या 100 तक सीमित
शासकीय इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रथम चरण की प्रवेश प्रक्रिया में प्रवेशित छात्रों की संख्या 100 तक सीमित रही है। जबकि काउंसिलिंग कराने वालों की संख्या 400 से अधिक है। इस तरह 300 छात्रों ने काउंसिलिंग तो यहां कराई लेकिन प्रवेश प्रदेश के दूसरे कॉलेजों में लियाहै। यहां के निजी कॉलेज में भी प्रवेशित छात्रों की संख्या काफी कम है।

दूसरे चरण में सीट भरने की उम्मीद
हालांकि कॉलेज की सभी दूसरे व तीसरे चरण की प्रवेश प्रक्रिया के बाद भर जाएंगी। कॉलेज अधिकारियों की माने तो गत वर्षों में हुए प्रवेश के मद्देनजर दूसरे चरण में प्रवेश के लिए आने वाले छात्रों की अधिक संख्या की उम्मीद जताई जा रही है। नई ब्रांच होने के कारण कंप्यूटर साइंस में प्रवेश को लेकर अधिकारी ज्यादा परेशान हैं।