
Rewa madhya pradesh vidhansbha election 2018
रीवा। इस बार विधानसभा चुनाव में कई ऐसे चेहरे हैं जो पहली बार जनता के बीच सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। इन्हें वोट मांगने के साथ ही सबसे बड़ी चुनौती स्वयं का परिचय बताने की है। इस कारण अपने परिवार के पुराने लोगों के साथ ही अन्य करीबियों का नाम बताना पड़ रहा है।
इस चुनौती का सबसे बड़ा सामना रीवा के प्रमुख राजनीतिक घराने श्रीनिवास तिवारी के घर की बहू को करना पड़ रहा है। स्व.तिवारी के नाती विवेक की पत्नी अरुणा तिवारी इस बार कांग्रेस पार्टी की ओर से सिरमौर की प्रत्याशी हैं।
राजनीति उनके लिए नया फील्ड है। इसके पहले वह सामान्य गृहणी की तरह रह रहीं थी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी की तबियत खराब होने के बाद से अंतिम समय तक उनकी सेवा में जुटी रहीं। अब पार्टी ने प्रत्याशी बनाया है तो वह मझे हुए नेता की तरह मैदान में हैं और सुबह से देर रात तक लोगों के बीच पहुंचकर वोट देने की अपील कर रही हैं। बुजुर्गों के पास पहुंचकर अरुणा अपना नाम तो बताती ही हैं, साथ ही यह भी बताती हैं कि मैं दादा(श्रीनिवास) की नतपतोहू(बहू) हूं। विधानसभा क्षेत्र में श्रीनिवास तिवारी को हर व्यक्ति जानता है। जिले में उन्होंने करीब सात दशक तक लगातार सक्रिय राजनीति में भागीदारी की है। इस वजह से उनका नाम लेते ही पूरा बायोडाटा लोगों के सामने आ जाता है।
सिरमौर विधानसभा क्षेत्र के तराई अंचल में डगडैया गांव पहुंची अरुणा तिवारी शांति देवी के घर पहुंची, उन्होंने बताया कि विधानसभा चुनाव के लिए प्रत्याशी हूं। ऐसे में जब देखा कि लोग सामान्य रूप से ले रहे हैं तो उन्होंने बताया कि दादा के नाती विवेक तिवारी बबला की पत्नी हूं तो यह सुनते ही वहां पर मौजूद सभी महिलाओं के भाव ही बदल गए। विवेक पिछली बार यहां से कांग्रेस के प्रत्याशी थे। इसी तरह कुठिला, दादर सहित अन्य कई गांवों में वह पहुंची और परिवार के लोगों का नाम बताते हुए लोगों से समर्थन मांगा।
पति की जगह मिली टिकट
वर्ष 2013 के चुनाव में कांग्रेस ने सिरमौर से विवेक तिवारी को प्रत्याशी बनाया था। इस बार महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने और क्षेत्र में कराए गए सर्वे में श्रीनिवास तिवारी के परिवार की लोकप्रियता को मापदंड समझते हुए अरुणा को टिकट दिया गया है। पिछले चुनाव में पति के लिए वोट मांगने वह कुछ चिन्हित स्थानों पर लोगों के घरों में गई थी। राजनीति में इसके पहले उनकी सक्रियता नहीं रही, इस बार प्रत्याशी घोषित होने के बाद वह सक्रिय हुई हैं और लोगों के बीच पहुंच रही हैं।
सादा परिवेश भी बना आकर्षण
अरुणा तिवारी का प्रमुख आकर्षण उनका सादा परिवेश है। इतने बड़े राजनीतिक घराने की बहू, सामान्य महिलाओं की तरह लोगों से मिलने पहुंच रही हैं। सिर पर पल्लू डाले बुजुर्गों के सामने ऐसे अभिवादन कर रही हैं जैसे घर के बड़े सदस्यों का सम्मान किया जाता है। यह प्रमुख आकर्षण बना हुआ है।
-------------------
प्रोफाइल
अरुणा तिवारी, सिरमौर
पति- विवेक तिवारी बबला
आयु- 41 वर्ष
शिक्षा- स्नातकोत्तर, पीएचडी
श्रीनिवास तिवारी के परिवार से - प्लस
पहली बार राजनीति में आईं- माइनस
------
प्रोफेशन- गृहणी, व्यवसायिक फर्मों में हिस्सेदारी।
शौक- बघेली व्यंजन बनाना, संगीत, किताबें पढ़ती हैं।
--
अनुभव- छात्र राजनीति में सक्रिय रहीं, १९९९ में कन्या महाविद्यालय रीवा की अध्यक्ष रहीं। पार्टी की सक्रिय राजनीति में नहीं रहीं। कभी सार्वजनिक कार्यक्रमों में नहीं दिखी। पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी के नाती विवेक की पत्नी हैं। पिछली बार विवेक सिरमौर से प्रत्याशी थे, कुछ गांवों में प्रचार करने गईं थी। इनका मायका गंगेव के पास गोंदरी गांव में है।
Published on:
15 Nov 2018 12:46 pm
बड़ी खबरें
View Allरीवा
मध्य प्रदेश न्यूज़
ट्रेंडिंग
