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किसान का बेटा सत्यदीप का आइइएस परीक्षा में चयन , जानिए कैसे करते थे तैयारी

धनतेरस को अखिल भारतीय अभियांत्रिकी सेवा की परीक्षा में रीवा के सत्यदीप शर्मा व देविका गर्ग ने चयनित होकर परिजनों को तोहफा दिया हैं। इनमें किसान के बेटे सत्यदीप ने जहां दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। दीपावली के पहले आइइएस की परीक्षा में चयनित होकर परिजनों की खुशियां बढ़ा दी है

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रीवा

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Lok Mani Shukla

Oct 28, 2019

Farmer's son Satyadeep selected in IES exam, know how to prepare

Farmer's son Satyadeep selected in IES exam, know how to prepare

रीवा। धनतेरस को अखिल भारतीय अभियांत्रिकी सेवा की परीक्षा में रीवा के सत्यदीप शर्मा व देविका गर्ग ने चयनित होकर परिजनों को तोहफा दिया हैं। इनमें किसान के बेटे सत्यदीप ने जहां दूसरे प्रयास में यह सफलता हासिल की है। दीपावली के पहले आइइएस की परीक्षा में चयनित होकर परिजनों की खुशियां बढ़ा दी है। वर्तमान सत्यदीप शर्मा अजमेर में रेलवे सहायक अभियंता के रूप में पदस्थ है। दोनों लोगों ने नोकरी में रहते हुए तैयारी की है। इस दौरान उन्होंने कहा कि असफला से डरे नहीं, बल्कि आत्म विश्वास मजूबत का कठिन मेहनत करेंगे तो सफलता मिलना तय है। इस सफलता को श्रेय उन्होंने अपने परिजनों को दिया है।

असफलता से सीख लेकर सफलता का लक्ष्य किया तय
मऊगंज तहसील अंतर्गत ग्राम अटरा खुर्द निवासी सत्यदीप शर्मा के पिता राजमणि शर्मा किसान है और मां कल्याणवती आंगनवाड़ी कार्यकर्ता है। बेटे ने प्राथमिक से लेकर माध्यमिक तक की शिक्षा शासकीय शाला धौरा में ली। इसके बाद रीवा में रतहरा में मामा प्रोफेसर विद्युत शर्मा के यहां रहते हुए मार्तण्ड क्रमांक एक में उच्चतर माध्यमिक से 12वीं की परीक्षा पास की। इसके बाद रीवा इंजीनियरिंग कॉलेज से बीई की परीक्षा पास किया। इसके बाद उन्होंनेे गत वर्ष आइइएस की परीक्षा दी लेकिन वह मुख्य परीक्षा में अनुतीर्ण हो गए। इस असफलता के बाद भी वे पीछे नहीं हटे। बल्कि तैयारी कर परीक्षा पास की। उन्होंने 79वीं रैक की है। उन्होंने कहा कि इस सफलता के पीछे इसके पहले फरवरी माह में ही उन्हें रेलवे की नौकरी मिली है।

बचपन से ब्राइट स्टूडेंट थे सत्यदीप
परिजनो ने बताया कि बचपन से ही सत्यदीप ब्राइट स्टूडेंट थे। खेलकूद के साथ पढ़ाई में भी अव्वल रहते है। रीवा में बीई के द्वितीय वर्ष में उन्होंने आइइएस की परीक्षा निकालने का लक्ष्य रखा है। इसमें पहले बार में वह मुख्य परीक्षा में कूछ अंको से चूक गए। इसके बाद भी हारन नहीं है और मेहनत करते हुए दूसरी बार बिना किसी कोचिंग के यह परीक्षा उर्तीण कर ली।

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