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रीवा से सीधी, शहडोल जाना हुआ मुश्किल, जानें क्या है वजह

-फरवरी में भी बंद हुआ था ये मार्ग, बढ़ी थीं राहगीरों की दिक्कतें

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रीवा

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Ajay Chaturvedi

Sep 04, 2021

रीवा सीधी शहडोल मार्ग पर बना पुल

रीवा सीधी शहडोल मार्ग पर बना पुल

रीवा. जिले से सीधी, शहडोल जाना मुश्किल हो गया है। कारण कि इस मार्ग को बंद करने की घोषणा की गई है। बता दें कि इससे पहले फरवरी में भी सीधी बस हादसे के बाद 14 दिनों के लिए ये मार्ग बंद किया गया था। उस वक्त भी रीवा से सीधी और शहडोल के बीच आवागमन प्रभावित हुआ था।

दरअसल रीवा के बघवार के पास के नहर पर बना पुल क्षतिग्रस्त हो गया है। ऐसे में पुल की मरम्मत के लिए ये मार्ग बंद किया जा रहा है। मार्ग बंद होता है तो न्यूनतम 10 दिन तक आवागमन बाधित रहेगा। मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम के शहडोल संभागीय प्रबंधक डीके स्वर्णकार ने शुक्रवार को सीधी कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर क्षतिग्रस्त पुल के मरम्मत की कार्ययोजना बताई। साथ ही दस दिनों के लिए रीवा-सीधी और शहडोल मार्ग पर आवागमन बंद करने को कहा जिसे प्रशासन ने स्वीकार करते हुए इस मार्ग को बंद करने की घोषणा की। मरम्मत कार्य के दौरान पुल से किसी तरह से आवाजाही बंद रहेगी।

मार्ग पूरी तरह से बंद करने से पूर्व वैकल्पिक मार्ग की तलाश में प्रशासन

हालांकि प्रशासन पूरी तरह से इस मार्ग को बंद करने से पूर्व वैकल्पिक मार्ग की तलाश में जुटा है। वैकल्पिक व्यवस्था होने के बाद ही मार्ग को पूरी तरह से बंद किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर संबंधित विभागों के अधिकारियों और ट्रांसपोर्ट से जुड़े लोगों संग बैठक भी करेंगे। इस संबंध में एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक स्वर्णकार ने कहा है कि क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत में 10 दिनों का समय लगेगा। प्रयास किया जा रहा है कि एक सप्ताह में मरम्मत का कार्य शुरू किया दिया जाए। इस संबंध में सीधी कलेक्टर से वार्ता कर स्थिति से अवगत करा दिया गया है।

ये हो सकते हैं वैकल्पिक मार्ग

शहडोल और सीधी से रीवा के बीच आवागमन के लिए दो अलग-अलग वैकल्पिक मार्ग हैं, जिनके उपयोग पर प्रशासन विचार कर रहा है। बताया गया है कि शहडोल से रीवा आने के लिए भैसारा जिगना-गोविंदगढ़ का मार्ग खुला रहेगा। इसके अलावा सीधी से रीवा आने के लिए रामपुर नैकिन से भरतपुर के पास से जिगना और गोविंदगढ़ तक आवागमन हो सकता है। लेकिन इन दोनों वैकल्पिक मार्गों पर भारी वाहनों के आवागमन में दिक्कत हो सकती है। कारण कि ये दोनों वैकल्पिक मार्ग सिंगल लेन है। मुख्य मार्ग बंद होने पर इन दोनों वैकल्पिक मार्गों पर वाहनों का आवागमन बढ़ जाएगा। ऐसे में यहां जाम लगने की संभावना हमेशा बनी रहेगी। इधर रीवा और सीधी के बीच मोहनिया घाटी होते हुए आवागमन खुला रहेगा। वैसे उम्मीद की जा रही है कि सात से नौ सितंब के बीच इस मार्ग पर आवागमन बंद हो जाएगा।

चार दिन सीडब्ल्यूसी नहर भी बंद रहेगी

क्षतिग्रस्त पुल की मरम्मत के दौरान चार दिनों के लिए सीडब्ल्यूसी नहर भी बंद रहेगी। नहर बंद करने पर न सिर्फ खरीफ फसल की सिंचाई प्रभावित होगी। बल्कि झिन्ना, सिलपरा और टोंस जल विद्युत परियोजना में बिजली का उत्पादन भी ठप रहेगा। बता दें कि प्रदेश में इस समय मांग के अनुरूप बिजली का उत्पादन नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त बारिश न होने से किसान बाणसागर से पानी उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं।