
TRS Rewa
रीवा। टीआरएस कॉलेज की स्वायत्तता अवधि में बढ़ोत्तरी के बावत निरीक्षण के लिए आई विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की टीम ने दूसरे दिन पुरा छात्रों के साथ बैठक की। साथ ही बचे विभागों का निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार किया और दोपहर बाद विदा ले लिया। विदाई से पहले एक्जिट मीटिंग में सदस्यों ने प्राचार्य के साथ रिपोर्ट के प्रमुख बिन्दुओं को शेयर भी किया।
छात्राओं ने यूजीसी टीम को सुझाया उपाय
यूजीसी टीम के सदस्यों और पुरा छात्रों की बैठक में एक ओर जहां खूबियों पर चर्चा हुई। वहीं दूसरी ओर पुरा छात्रों ने बारी-बारी से समस्याओं का पुलिंदा भी खोला। उनकी ओर से कॉलेज में अध्ययन-अध्यापन व मूल्यांकन प्रणाली के साथ प्लेसमेंट का बखान किया गया। वहीं दूसरी ओर प्राध्यापकों की कमी और उससे प्रभावित हो रही पढ़ाई का भी जिक्र किया। पुरा छात्र व अधिवक्ता राजकुमार शुक्ल खाली पदों का मुद्दा उठाया। बैठक में उपस्थित विक्रांत द्विवेदी, चंद्रमणि शुक्ल, अनुराधा श्रीवास्तव, मुसद्धिक हुसैन, प्रो. संजय शंकर मिश्र व डॉ. अमित तिवारी ने कॉलेज को यूनिवर्सिटी का दर्जा दिलाए जाने की मांग की।
निरीक्षण के बाद टीम ने की प्राचार्य के साथ बैठक
निर्धारित नियमों के अनुरूप दूसरे दिन निरीक्षण की कार्यवाही को पूरा करते हुए टीम के सभी छह सदस्यों ने मिलकर निरीक्षण रिपोर्ट तैयार की और फिर एक्जिट मीटिंग कर वापस लौट गए। नियमों के अनुरूप एक्जिट मीटिंग में टीम ने प्राचार्य डॉ. रामलला शुक्ला से रिपोर्ट के मुख्य बिन्दुओं को शेयर भी किया। गौरतलब है कि इस निरीक्षण के आधार पर कॉलेज की स्वायत्तता में पांच वर्षों की बढ़ोत्तरी हो जाएगी। टीम की रिपोर्ट को कॉलेज प्रशासन की ओर से सकारात्मक माना जा रहा है।
टीम में शामिल रहे यूजीसी व एपीएस विवि सदस्य
कॉलेज के निरीक्षण के लिए आए दल में सौराष्ट्र विवि राजकोट गुजरात के पूर्व कुलपति प्रो. प्रताप सिंह चौहान, दिल्ली विवि के प्रो. चंदन कुमार, शासकीय नागार्जुन पीजी कॉलेज ऑफ साइंस रायपुर छत्तीसगढ़ के प्रो. एसके प्रसाद व यूजीसी के शिक्षा अधिकारी प्रो. निखिल कुमार के अलावा यहां उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अतिरिक्त संचालक डॉ. सत्येंद्र शर्मा व अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय के कॉलेज विकास परिषद की अधिष्ठाता प्रो. अंजली श्रीवास्तव शामिल रहीं।
Published on:
22 Sept 2018 10:03 pm
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