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नगर पंचायत को चला रहे चौकीदार और चपरासी

कर्मचारियों की कमी, जानकारी के अभाव में शासन की योजनाओं में लगा ब्रेक

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running the nagar panchayat watchman and peon

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रीवा. हमेशा सुर्खियों में रहने वाली जिले की नगर पंचायत मनगवा में स्टॉफ की कमी की वजह से शासन की योजनाओं का लाभ हितग्राहियों तक नहीं पहुंच रहा है। चौकीदार और चपरासी नगर पंचायत मनगवां में बाबू का काम देख रहे हैं जबकि इनको परिषद के नियमावली की जानकारी नहीं है। यहां पदस्थ स्वीकृत स्टॉफ जब से सेवानिवृत्त हो गए तब से भगवान भरोसे सब कुछ चल रहा है। यहीं कारण है कि यहां विकास योजनाओं पर ब्रेक लग गया है।


जानकारी के अनुसार नगर पंचायत में लेखापाल, सहायक ग्रेड 2, उपयंत्री, सहायक यंत्री के पद खाली हैं। जबकि स्थापना सहायक ग्रेड 3 में दो पद, सहायक राजस्व निरीक्षक के चार पद, जल प्रदाय शाखा में दो पद रिक्त हैं। इस तरह नगर पंचायत में नाम मात्र के ही कर्मचारी बचे हुए हैं। ना तो शासन ना ही क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि स्टाफ की समस्या को पूर्ति करने के लिए कदम उठा रहे हैं। आलम यह है कि जो भी नए मुख्य कार्यपालन अधिकारी आते हैं अगर उनके अंदर कार्य करने की ललक भी होती है तो वह स्टाफ के अभाव में कार्य नहीं कर पाते हैं। ऐसे में जानकारी के अभाव वाले कर्मचारियों को प्रमुख पदों पर बिठाकर कार्य लिया जा रहा है।


ठेके पर पेयजल व्यवस्था
नगर में पेयजल व्यवस्था ठेके पर है। अधिकांश हैण्डपंप खराब हैं और हवा उगल रहे हैं। फिर भी ठेके पर मरम्मत के कार्य सौंपे गए हैं। पूरे नगर में पानी की किल्लत है ना तो समय पर टैंकर कर पहुंच रहे हैं ना समय पर पानी की सप्लाई हो रही है। जो कर्मचारी हैं वे जानकारी के अभाव में परिषद का कार्य ठीक ढंग से नहीं कर पा रहे हैं।


दैवेभो के सहारे सफाई व्यवस्था
दैनिक वेतन भोगी के एक दर्जन कर्मचारियों के भरोसे नगर पंचायत मनगवां की सफाई व्यवस्था का दारोमदार है। जबकि नगर परिषद कुल 15 वार्डों में 5 किलोमीटर क्षेत्रफल में है। जिससे सफाई का कार्य ठीक ढंग से नहीं कराया जा रहा है। नगर में जगह-जगह कचरे का अंबार लगा हुआ है। सफाई कर्मियों की भर्ती नहीं होने से बरसात में और दिक्कत होती है। वहीं दैवेभो कर्मचारियों के माध्यम से ही वसूली का कार्य भी कराया जाता है।


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कई बार कलेक्टर, नगरीय प्रशासन मंत्री एवं प्रमुख सचिव को स्टॉफ की कमी की समस्या बता चुकी हूं। पर इस समस्या पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। जबकि स्टॉफ की कमी के कारण विकास की गति धीमी हो गई है।
सीता साकेत, अध्यक्ष, नगर पंचायत मनगवां


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नगर परिषद में कर्मचारियों की कमी की बहुत बड़ी समस्या है। मेरी पदस्थापना अभी कुछ ही दिन पहले हुई है। हमने आयुक्त नगरीय प्रशासन भोपाल को स्टॉफ की कमी दूर करने के लिए पत्र लिखा है।
प्रभु शंकर खरे, सीएमओ, नगर पंचायत मनगवां