23 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

बारिश में इन बातों का रखें ख्याल, लापरवाही की तो भुगतना होगा खामियाजा

लोगों को किया जा रहा है जागरूक...
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

रीवा

•

image

Ajit Shukla

•

Updated: 25 Jul 2018, 2:29 PM IST

Scientist of KVK Rewa organise awareness program for health in village

Scientist of KVK Rewa organise awareness program for health in village

रीवा। बारिश के मौसम में न केवल भोजन ताजा होना चाहिए। बल्कि पानी भी स्वच्छ होना चाहिए। क्योंकि इस मौसम में खाने और पीने की वस्तुओं में संक्रमण तेजी के साथ होता है। कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिकों की ओर से लोगों को कुछ ऐसा ही विमर्श दिया गया।

वैज्ञानिक न्यूट्री स्मार्ट गांवों में चला रहे जागरूकता अभियान
केंद्र के प्रमुख व वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. एके पांडेय के निर्देशन में न्यूट्री स्मार्ट गांवों में चलाए जा रहे अभियान में वैज्ञानिक डॉ. चंद्रजीत सिंह ने लोगों को क्लोरीन की गोली के जरिए पानी को शुद्ध करने का तरीका बताया। कहा कि दिखने में पानी भले ही स्वच्छ दिखता हो। लेकिन आमतौर पर इस मौसम में पानी को स्वच्छ करके ही पीना चाहिए।

महिलाओं ने भी प्रयोग के जरिए ली जानकारी
बजरंगपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. किंजल्क सिंह ने बकायदा प्रयोग के जरिए महिलाओं को पानी शुद्ध करने का तरीका बताया। साथ कहा कि आंगनवाडिय़ों से क्लोरीन की गोली प्राप्त की जा सकती है। लेकिन नहीं मिले तो पानी को गर्म कर छाने और ठंडा कर के ही पीएं। प्रदूषित पानी से होने वाले रोगों के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर २८ लोगों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया।

कई गांव न्यूट्री स्मार्ट योजना के तहत चुने गए हैं
जिले में दो दर्जन से अधिक गांव न्यूट्री स्मार्ट गांव के रूप में चुने गए हैं। इन गांवों में महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ कृषि विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक ग्रामीणों को ऐसे टिप्स दे रहे हैं, जिससे वह स्वस्थ रहें। योजना के तहत केंद्र की ओर से वैज्ञानिकों को गांव आवंटित किए गए हैं। ताकि प्रत्येक कृषि वैज्ञानिक ग्रामीणों को पोषक आहार से लेकर बाकी की दूसरी कई जानकारी दे सकें।

पौधरोपण की भी जगा रहे अलख, कर रहे वितरित
खान-पान से संबंधित जानकारी देने के साथ ही वैज्ञानिक ग्रामीणों में पर्यावरण संरक्षण की अलख जगा रहे हैं। उन्हें पौधरोपण के लिए भी प्रेरित किया जा रहा है। ग्रामीणों में इसके लिए केंद्र की ओर से विभिन्न तरह के पौधे भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं।