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2098 सूअर की मौत के बाद शहर में धारा 144 लागू, स्वाइन फीवर से हुई मौत

15 को इंजेक्शन देकर मारा, पशुपालकों को वजन के हिसाब से दिया जा रहा मुआवजा

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रीवा

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Hitendra Sharma

Aug 25, 2022

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रीवा. अफ्रीकन स्वाइन फीवर का कहर शहर में तेजी से फैल रहा है। हर दिन बड़ी संख्या में सूअर मर रहे हैं। पिछले दो सप्ताह के दौरान 2098 सूअरों के मौतों की जानकारी सामने आई है। बुधवार को नगर निगम की टीम ने 70 सूअरों का निस्तारण कराया है। इसके एक दिन पहले तक 2028 सूअर मरे थी।

प्रशासन ने रेड जोन में संक्रमित सूअरों को इंजेक्शन देकर मारने का अभियान शुरू किया है। रतहरा की बंसल बस्ती में दो दिन में 15 सूअर मारे गए है। यह वायरस अभी सिर्फ रीवा में ही फैला हुआ है। लिहाजा, भोपाल से संक्रमित सूअर मारने के लिए इंजेक्शन की खेप भेजी गई है।

कलेक्टर ने धारा 144 लागू कर रीवा शहर के साथ पूरे जिले में सूअरों की खरीदी-बिक्री व परिवहन पर प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही अफ्रीकन स्वाइन फीवर की जांच के लिए अधिकारियों व चिकित्सकों की टीमें तैनात की हैं। जहां पर अधिक संख्या में सूअरों की मौत हुई है, वहां रेड जोन घोषित कर एक किमी के दायरे के सूअर मारने के लिए मुहिम छेड़ी है।

कलेक्टर ने मुआवजे की भी घोषणा की है। यह मुआवजा केवल उन्हीं पशु पालकों को दिया जाएगा, जिनके सूअरों को इंजेक्शन देकर मारने का कार्य होगा। मुआवजे की रकम वजन के आधार पर तय की गई है। एक क्विंटल तक के सूअर पर पंद्रह हजार रुपए का मुआवजा निर्धारित किया गया है। स्वयं से मरने वालों के पशुपालकों को अभी किसी तरह के मुआवजे की घोषणा नहीं की गई है।

फिर से भेजा जाएगा सैम्पल
शहर के कई हिस्सों में सूअरों की मौतें हो रही हैं। इसलिए सभी क्षेत्रों से सेंपल एकत्र कर जांच के लिए भेजा जाएगा। यदि संबंधित क्षेत्र में भी अफ्रीकन स्वाइन फीवर की पुष्टि होगी तो नए सिरे से रेड जोन बनाकर इंजेक्शन देकर मारने की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। बताया गया है कि कई स्थानों पर नालों और नदियों के किनारे बड़ी संख्या में सूअरों की मौत हुई है। इसकी जानकारी नगर निगम को भी समय पर नहीं हो पा रही है। संजयगांधी अस्पताल के आसपास भी बड़ी संख्या में मौतें हुई हैं।

उप संचालक पशु चिकित्सा रीवा डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि अफ्रीकन स्वाइन फीवर के चलते सूअरों की मौतें तेजी से हुई हैं लेकिन अब इसकी गति कुछ कम हो रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस पर नियंत्रण पाएंगे। इंजेक्शन देकर किलिंग का कार्य भी चल रहा है। नए सेंपल फिर जांच के लिए भेज रहे हैं, पुष्टि के बाद अगला कदम उठाया जाएगा।