24 अप्रैल 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

एपीएस में आय कम खर्च अधिक, विश्वविद्यालय ने जारी किया बजट

कार्यपरिषद की आपातकालीन बैठक में बजट को मिली मंजूरी ...

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Ajit Shukla

Feb 25, 2018

spend more money with reference income in APSU

spend more money with reference income in APSU

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में शनिवार को कार्यपरिषद की आपातकालीन बैठक बुलाई गई। इसमें विश्वविद्यालय वार्षिक बजट जारी किया गया। जिस पर कार्यपरिषद ने मुहर लगाई। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा बैठक में प्रस्तुत किया गया बजट 12 करोड़ रुपए घाटे का रहा है जो पिछले वर्ष की तुलना में अधिक है।

विवि में 104 करोड़ की आमदनी
अधिकारिक सूत्रों की माने तो वित्तीय वर्ष 2018-19 के लिए विश्वविद्यालय 116 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने का बजट तैयार किया है। जबकि इस वित्तीय वर्ष में विश्वविद्यालय को करीब 104 करोड़ रुपए के आय की उम्मीद है। इस तरह से विश्वविद्यालय द्वारा जारी खर्च का बजट आय से 12 करोड़ अधिक है। विश्वविद्यालय यह बजट यूजीसी, रूसा व शासन से मिलने वाली वित्तीय सहायता की प्रत्याशा में तैयार किया है।

ज्यादातर खर्च निर्माण कार्य पर
परिषद के सदस्यों की माने तो प्रस्तावित बजट में नव निर्माण कार्यों के साथ पुराने भवनों व सडक़ों की मरम्मत, विश्वविद्यालय के लिए वाहन, सातवें वेतनमान व चिकित्सा सहित अन्य भत्ता शामिल हैं। प्रस्ताव में प्लान व नॉन प्लान के सभी मदों के लिए अलग-अलग संभावित खर्च प्रस्तुत किया गया है। विश्वविद्यालय ने 116 करोड़ रुपए से अधिक खर्च करने का बजट तैयार किया है।

रूसा से बजट मिलने की उम्मीद
कार्यपरिषद बैठक में विश्वविद्यालय अधिकारियों ने यह उम्मीद जताई कि उन्हें यूजीसी व रूसा सहित अन्य स्रोतों के जरिए वित्तीय मदद मिलने की पूरी उम्मीद है। बैठक में कुलपति प्रो. केएन सिंह यादव, कुलसचिव डॉ. आनंद कुमार काम्बले, वित्त नियंत्रक पुष्पा सोनवानी, उप कुलसचिव नीरजा नामदेव, एडी डॉ. विनोद कुमार श्रीवास्तव, डॉ. एसएस तिवारी व प्राचार्य अरूण कुमार तिवारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

बैठक में यह मुद्दे भी रहे शामिल
- विद्वत परिषद के प्रस्तावों पर बनी सहमति
- शोध छात्रों को पीएचडी उपाधि प्रदान किए जाने
- परीक्षा मद के लिए 20 लाख रुपए की स्वीकृति
- दो वाहनों के क्रय के प्रस्ताव पर बनी सहमति
- कोर्स वर्क की फीस लौटने का प्रस्ताव हुआ लंबित